एनडीटीवी के सह-संस्थापक प्रणय रॉय के ठिकानों पर सीबीआई के छापे | सोमवार, 05 जून 2017

एनडीटीवी के सह-संस्थापक प्रणय रॉय के ठिकानों पर सोमवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने छापामारी की. सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौर ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया, ‘सीबीआई ने प्रणय रॉय, उनकी पत्नी राधिका, एक निज़ी कंपनी और अन्य के ख़िलाफ मामला दर्ज किया है. इन पर एक बैंक से कर्ज़ लेकर उसे न चुकाने का आरोप है. इसी मामले में रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित चार ठिकानों पर छापे मारे गए हैं.’

बताया जाता है कि यह मामला आईसीआई बैंक से लिए गए 48 करोड़ रुपए के कर्ज़ से जुड़ा है. एफआईआर में जिस निज़ी कंपनी का उल्लेख है उसका नाम आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड है जिसके लिए यह कर्ज़ लिया गया था. बताते चलें कि प्रणब और राधिका ने 1998 में एनडीटीवी की स्थापना की थी.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एनडीटीवी की ओर से ज़ारी बयान में कहा गया है, ‘कुछ पुराने, अंतहीन, झूठे आरोपों के आधार पर एनडीटीवी और उसके प्रमोटरों को प्रताड़ित करने की प्रक्रिया में आज सुबह सीबीआई भी शामिल हो गई. लेकिन विभिन्न एजेंसियों की इस प्रताड़ना के ख़िलाफ एनडीटीवी और उसके प्रमोटर अपना अथक संघर्ष ज़ारी रखेंगे.

मध्य प्रदेश : प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने गोलियां चलाईं, पांच की माैत | मंगलवार, 06 जून 2017

बीते कई दिनों से आंदोलन कर रहे मध्य प्रदेश के किसानों के आंदोलन ने बीते मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उपज के वाज़िब दाम और कर्ज़ माफी की मांगों पर सरकार से उचित आश्वासन न मिलने से नाराज किसानों ने मंदसौर ज़िले के दलौदा में भारी पथराव और तोड़-फोड की. इसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को गाेलियां चलानी पड़ीं जिसमें पांच किसानों की मौत और चार अन्य के घायल हो गए.

हालांकि, प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है, ‘गोलियां पुलिस ने नहीं चलाई हैं. हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व काम कर रहे हैं. घटना कैसे हुई इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं.’ उन्होंने इस बात से भी इंकार किया है कि अशांत क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है या वहां इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं. हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पुलिस की मदद के लिए बुलाई गए सीआरपीएफ के जवानों ने गोलियां चलाईं. गोलीबारी में घायल हुए किसानों को इलाज़ के लिए उदयपुर, राजस्थान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

आर्थिक विकास में गिरावट नोटबंदी की वजह से आई है : मनमोहन सिंह | बुधवार, 07 जून 2017

पूर्व प्रधानमंत्री और जाने-माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर एक बार फिर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में गिरावट के लिए बीते साल लिया गया यह फैसला जिम्मेदार है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री ने यह बात मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूसी) की बैठक में कही. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 6.1 फीसदी हो गई. इससे पहले की तिमाही में यह आंकड़ा सात फीसदी था. इसके साथ ही दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का तमगा भारत से छिन गया है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था केवल सार्वजनिक व्यय के इंजन के सहारे आगे बढ़ रही है, निजी क्षेत्र में निवेश पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है.’ रोजगार सृजन के मामले में मोदी सरकार को नाकाम बताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि देश का निर्माण उद्योग सिकुड़ रहा है जो देश में सबसे ज्यादा रोजगार देता है. मनमोहन सिंह ने पिछले साल भी नोटबंदी के फैसले को संगठित लूट बताया था. राज्यसभा में चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री ने नोटबंदी से जीडीपी में दो फीसदी गिरावट का अनुमान भी लगाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला पलटा, उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों का आंतरिक कोटा बहाल | गुरुवार, 08 जून 2017

सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल संस्थानों में पीजी कोर्स के लिए लागू आंतरिक कोटे की व्यवस्था को बहाल कर दिया है. डेक्कन हेरल्ड के मुताबिक बुधवार को जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 29 मई के फैसले को पलट दिया है. इसमें हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल के पीजी कोर्स की आधी सीटों को आंतरिक कोटे से भरने की व्यवस्था को खारिज कर दिया था. शीर्ष अदालत ने यह फैसला बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की याचिका पर सुनाया है. इसमें हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश और एमसीआई द्वारा तय नियमों का उल्लंघन बताया गया था.

शीर्ष अदालत के इस फैसले से बीएचयू, एएमयू और उत्तर प्रदेश के अन्य मेडिकल संस्थान अब अपने पीजी कोर्स की आधी सीटें अपने यहां से स्नातक करने वाले छात्रों से भर सकेंगे. अदालत ने सभी मेडिकल संस्थानों को काउंसलिंग जारी रखने और 12 जून तक सभी सीटों को भरने का निर्देश भी दिया है.

सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपित और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया गया | शुक्रवार, 09 जून 2017

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने गुरुवार को सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपित चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार कर लिया है. दलितों के संगठन भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पिछले महीने सहारनपुर में जातिगत हिंसा भड़कने और अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार थे. भीम आर्मी के एक नेता ने भी उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

सहारनपुर में पिछले महीने जातिगत हिंसा की कई घटनाएं घटी थीं. ठाकुरों और दलितों के बीच हुई इन हिंसक वारदातों में कुछ लोग मारे गए थे जबकि कई जख्मी हुए थे. वहीं नौ मई को भीड़ ने एक पुलिस चौकी समेत कई गाड़ियों में आग लगा दी थी. चंद्रशेखर पर इन वारदातों के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप है.

हैदराबाद हाई कोर्ट के जज ने गाय को ‘पवित्र राष्ट्रीय संपदा’ बताया, कहा - गाय ईश्वर का विकल्प है | शनिवार, 10 जून 2017

राजस्थान हाई कोर्ट के एक जज द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सिफारिश किए जाने के बाद अब हैदराबाद हाई कोर्ट के एक जज ने गाय को ‘पवित्र राष्ट्रीय संपदा’ बताया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शुक्रवार को एक पशु व्यापारी की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस बी शिवशंकर राव ने कहा, ‘गाय पवित्र राष्ट्रीय संपदा है, साथ ही मां और ईश्वर का विकल्प है.’

तेलंगाना के एक पशु व्यापारी ने अपनी 63 गायों और दो बैलों को छुड़ाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिन्हें प्रशासन ने जब्त कर लिया था. इससे पहले नलगोंडा के ट्रायल कोर्ट ने भी उसकी याचिका खारिज कर दी थी. अदालत में इस व्यापारी का कहना था कि वह अपने मवेशियों को चराने के लिए ले जा रहा था और प्रशासन ने इन्हें बेवजह जब्त कर लिया. वहीं, अभियोजन पक्ष का दावा है कि आरोपित और उसके अन्य साथियों ने किसानों से इन मवेशियों को खरीदा था ताकि बकरीद के दिन बीफ का इंतजाम हो सके.