‘सत्य की ताकत की जगह सत्ता की ताकत को स्थापित किया जा रहा है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का यह बयान बेंगलुरू में कांग्रेस के अखबार ‘नेशनल हेरल्ड’ का प्रकाशन दोबारा शुरू करने के मौके पर आया. मोदी सरकार पर सच बोलने वालों को दबाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत में आजकल सत्ता ही सच का निर्माण कर रही है, सभी जानते हैं कि सच क्या है, लेकिन मौन हैं.’ एक सोवियत कवि का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘जब सच की जगह खामोशी ले लेती है, तब वह खामोशी झूठ होती है. और यही (मोदी) सरकार करना चाहती है.’ वहीं, कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित के विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष का कहना था कि देश की सुरक्षा करने वाली सेना के प्रमुख को लेकर किसी भी नेता को टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है.

‘अगर भाजपा में साहस है तो बिहार के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा का भी चुनाव करा ले.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी की प्रतिक्रिया में आया. रविवार को पटना में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में हिम्मत नहीं है कि बिहार विधानसभा भंग कर के दोबारा चुनाव करा लें. इस पर नीतीश कुमार ने कहा, ‘इससे मुझे कोई दिक्कत नहीं है, मैं कल ही चुनाव के लिए तैयार हूं. लेकिन, बिहार और उत्तर प्रदेश विधानसभा के साथ दोनों राज्यों की लोकसभा की सीटों पर उपचुनाव कराना होगा, जिस पर एनडीए के उम्मीदवार जीते थे.’ किसानों की कर्जमाफी पर नीतीश कुमार का कहना था कि यह समाधान सही नहीं है, क्योंकि किसानों की समस्या बढ़ी लागत के हिसाब से उचित कीमत न मिलना है.


‘सेना का मनोबल गिराने वाली बात करना पाप है, जिसके लिए कोई प्रायश्चित नहीं है.’

— जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र कुमार का यह बयान थलसेना अध्यक्ष बिपिन रावत के खिलाफ कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित की टिप्पणी को लेकर आया. संदीप दीक्षित ने कहा था कि भारतीय थल सेना प्रमुख का ‘सड़क के गुंडे’ की तरह बयान देना बुरा लगता है. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा सीज फायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दे रही है. उन्होंने यह भी कहा, ‘पाकिस्तान को भारत की तरफ से अभी जैसा जवाब मिल रहा है, वैसा बीते वर्षों में कभी नहीं मिला होगा.’ केंद्रीय मंत्री का यह भी कहना था कि सीमा पर भारतीय सेना और अर्द्धसैनिक बलों की मुस्तैदी के लिए उन पर हमें गर्व होना चाहिए.


‘मैच जीतने के लिए कई बार खिलाड़ियों को चुभने वाली बात कहनी पड़ती है.’

— विराट कोहली, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान

विराट कोहली का यह बयान भारतीय टीम की कप्तानी से जुड़ी रणनीति पर चर्चा करते हुए आया. चैंपियंस ट्राफी में श्रीलंका से हार और उसके बेहतरीन खेल के जरिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कामयाबी पर उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि आपको खिलाड़ियों को बताना होगा कि चूक कहां पर हुई है. फिर उनसे सबक लेकर मैदान में उतरना होगा. इसीलिए हमें लाखों लोगों में से चुना गया है.’ सेमीफाइनल में बांग्लादेश के साथ मुकाबले के बारे में लेकर विराट कोहली का कहना था कि इसके लिए भारतीय टीम को ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है, बस दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने प्रदर्शन को दोहराना है.


‘मैंने क्लिंटन के सामने रूस को नाटो में शामिल करने के विकल्प पर विचार करने का प्रस्ताव रखा था.’

— व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

रूसी राष्ट्रपति ने यह बात अमेरिकी फिल्म निर्देशक ओलिवर स्टोन के साथ एक साक्षात्कार में कही. 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मास्को यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्लिंटन ने कहा था – क्यों नहीं. लेकिन, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बहुत निराश था.’ हालांकि, इसके साथ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो द्वारा रूस की सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाए जाने की आलोचना भी की. ओलिवर स्टोन ने राष्ट्रपति पुतिन का यह साक्षात्कार 2015-16 में लिया था, जिसे सोमवार से चार हिस्सों में प्रसारित किया जाना है. हालांकि, इसका एक हिस्सा मीडिया को पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है.