मोबाइल एप्स को लेकर एक चौंकाने वाली खबर आई है. इसके मुताबिक 70 फीसदी से ज्यादा मोबाइल ऐप्स अपने यूजर्स की जानकारी बेच रहे हैं. यह खुलासा स्पेन के रिसर्च इंस्टीट्यूट आईएमडीईए नेटवर्क के एक शोध के जरिये हुआ है. आईएमडीईए के अनुसार पिछले करीब डेढ़ साल से चल रहे उसके शोध में पाया गया है कि इन दिनों 70 फीसदी से ज्यादा मोबाइल ऐप्स अपने यूजर्स की निजी जानकारी बड़ी-बड़ी कंपनियों को बेच रहे हैं. इस शोध में यह भी सामने आया है कि जानकारी खरीदने वाली कंपनियों में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, गूगल और याहू भी शामिल हैं. बताया जाता है कि ये कंपनियां इस जानकारी का उपयोग अपनी मार्केटिंग में करती हैं.
आईएमडीईए के मुताबिक उसने 2015 में एक ऐसा ऐप बनाया था जिससे यह पता चलता है कि यूजर्स के मोबाइल में इंस्टाल ऐप उसका कौन सा डेटा लेते हैं और किन-किन कंपनियों को देते हैं. यह विशेष ऐप अक्टूबर 2015 में करीब 1600 लोगों के मोबाइल में इंस्टाल किया गया था. इसके बाद इन लोगों ने पिछले डेढ़ साल में अपने मोबाइल में करीब पांच हजार ऐप्स इस्तेमाल किए. रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक इस दौरान पता चला कि इन लोगों को करीब 600 अलग-अलग वेबसाइटें ट्रैक कर रही हैं जिनका संबंध इन लोगों के मोबाइल में इंस्टाल 70 फीसदी से ज्यादा ऐप्स से था.
एंड्रॉइड या आईओएस से चलने वाले स्मार्टफोन में जब कोई नया ऐप इंस्टॉल किया जाता है तो यह यूजर से उसकी निजी जानकारी हासिल करने की अनुमति मांगता है. हालांकि, ज्यादातर ऐप विशेषकर मैपिंग ऐप्स इस वजह से भी यह जानकारी लेते हैं क्योंकि बिना इसके वे ठीक से काम नहीं कर सकते. लेकिन, जिस तरह से यह खुलासा हुआ है उससे तकनीक के जानकार इसे यूजर्स की निजता का हनन तो मानते ही हैं साथ ही यह जानकारी साइबर अपराधियों के हाथों बेचे जाने की भी आशंका जता रहे हैं.
जल्द ही व्हाट्सऐप पर गलती से भेजे गए किसी संदेश को वापस लिया जा सकेगा
अब जल्द ही सोशल मैसेजिंग ऐप वाट्सऐप पर गलती से भेजे गए संदेश वापस लिए जा सकेंगे. वाट्सऐप के बीटा वर्जन के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट ‘वाट्सऐप बीटाइंफो’ के अनुसार सोशल मैसेजिंग ऐप जल्द ही एक ऐसा नया ‘रीकॉल’ फीचर लाने वाला है जिसकी मदद से लोग गलती से भेजे गए मैसेज, वीडियो, इमेज, डॉक्यूमेंट आदि को वापस ले सकेंगे. हालांकि, वेबसाइट के अनुसार ऐसा करने के लिए यूजर्स के पास केवल पांच मिनट का समय होगा यानी पांच मिनट के बाद वह अपने भेजे गए मैसेज को वापस नहीं ले सकेगा.
बीटाइंफो के मुताबिक वाट्सऐप ने इस फीचर्स को बना लिया है और वह इसकी टेस्टिंग कर रहा है. वेबसाइट की ओर से यह भी बताया है कि यह नया फीचर मैसेजिंग ऐप के वर्जन 2.17.30+ में यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. इस समय वाट्सऐप के यूजर्स उसका 2.17.190 वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, बीटाइंफो द्वारा लीक की गई इस जानकारी पर वाट्सऐप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
बीएसएनएल गांवों में 25 हजार वाईफाई हॉटस्पॉट लगाएगा
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत देश के ग्रामीण इलाकों में 25 हजार वाईफाई हॉटस्पॉट लगाए जायेंगे. सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि देश के ग्रामीण इलाकों के टेलीफोन एक्सचेंजों में 25 हजार वाईफाई हॉटस्पॉट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. बीएसएनएल ने इसके लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के साथ एक एमओयू भी साइन कर लिया गया है. कंपनी के अनुसार इस परियोजना में कुल 940 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसे यूएसओएफ और भारत सरकार मिलकर वहन करेंगे. बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि उनकी कोशिश इस परियोजना को छह से आठ महीने में पूरा करने की है.
हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 25 हजार वाईफाई हॉटस्पॉट लगाना केवल एक शुरुआत है. बताया जा रहा है कि सरकार अगले दो से तीन सालों में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख वाईफाई हॉटस्पॉट लगाएगी. इस परियोजना में आने वाले कुल खर्च का 75 फीसदी हिस्सा यूएसओएफ देगा जबकि बाकी का केंद्र द्वारा दिया जाएगा.
यूएसओएफ भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक ऐसा फंड है जिसे देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से बनाया गया है. इन कंपनियों को हर साल होने वाले अपने कुल लाभ का कुछ हिस्सा इस फंड के लिए देना होता है. इस फंड का इस्तेमाल देश के ग्रामीण और दूर दराज के क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधाएं पहुंचाने के लिए किया जाता है.
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