मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आंदोलन के बीच बुधवार को केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने साल 2017-18 के लिए ब्याज अनुदान योजना (आईएसएस) को मंजूरी दी है. इसके तहत किसानों को एक साल के लिए अधिकतम तीन लाख रुपये तक के कर्ज पर केवल चार फीसदी ब्याज चुकाना पड़ेगा. केंद्र सरकार ने इसके लिए 20,339 करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला किया है.

आमतौर पर बैंकों द्वारा किसानों को नौ फीसदी ब्याज दर से कर्ज मुहैया कराया जाता है. आईएसएस के तहत केंद्र सरकार इस कर्ज पर दो फीसदी ब्याज दर की सब्सिडी देगी. इसके साथ यदि किसान तय समय पर कर्ज की रकम बैंक को लौटा देते हैं तो उन्हें अतिरिक्त तीन फीसदी ब्याज दर की राहत दी जाएगी. इस तरह समय पर अपना कर्ज चुकाने वाले किसान ब्याज दर में सरकार की ओर से कुल पांच फीसदी छूट का लाभ उठा पाएंगे.

पीआईबी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना का मकसद किसानों को उचित ब्याज दर पर कृषि कर्ज उपलब्ध कराना है, जिससे फसल उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके. इस योजना के दायरे में सरकारी के साथ निजी, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैकों को शामिल किया गया है. साथ ही इसे लागू किए जाने की जिम्मेदारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड को सौंपी गई है.