केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उपराज्यपाल किरण बेदी का टकराव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग के टकराव जैसा तीखा होता दिखाई दे रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री नारायणसामी ने उपराज्यपाल किरण बेदी को निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स के दाखिले में भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने की चुनौती दे डाली है. विधानसभा में शून्यकाल के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दाखिले में सरकार की केंद्रीय प्रवेश समिति (सेनटेक) ने स्वास्थ्य मंत्रालय, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन किया है. उन्होंने आगे कहा, ‘किरण बेदी को यह साबित करना चाहिए कि छात्रों के चयन में भ्रष्टाचार हुआ है.’

रिपोर्ट के मुताबिक किरण बेदी ने अधिकारियों और नेताओं पर छात्रों के चयन में धांधली का आरोप लगाया था. पीजी कोर्स के लिए छात्रों की चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने कहा कि किरण बेदी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. बाद में अपने कार्यालय में उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को सेनटेक की काउंसलिंग में जाने का कोई अधिकार नहीं था. उन्होंने किरण बेदी पर सेनटेक के अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप लगाया.

नारायणसामी ने मेडिकल छात्रों और उनके परिजनों की जनहित याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट में उपराज्यपाल के सचिव द्वारा हलफनामा देने को मनमाना कदम बताया. उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के सचिव ने इस बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य सचिव और कानून मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं दी थी. मुख्यमंत्री नारायणसामी ने आगे कहा कि ‘अब सवाल उठता है कि किरण बेदी उपराज्यपाल के पद पर रहने के योग्य हैं या नहीं?’ पुडुचेरी में लंबे समय से उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच टकराव बना हुआ है.