विपक्षी पार्टियां किसानों के आंदोलन को देशव्यापी रूप देने की तैयारी कर रही हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र माेदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए ‘भारत बंद’ की योजना भी बनाई जा रही है. इसकी तारीख़ जल्द ही तय की जा सकती है.

अख़बार के मुताबिक विपक्षी दलों की एक उपसमिति की बुधवार को हुई बैठक में विभिन्न प्रदेशों में चल रहे किसान आंदोलनों पर भी चर्चा हुई. इसमें माना गया कि करीब-करीब हर राज्य में किसानों की मांगें एक सी हैं. जैसे कि कर्ज़ माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर कृषि उपज की ख़रीद आदि. ऐसे में यह सही मौका है जब इन मसलों पर केंद्र सरकार को घेरा जा सकता है. उससे ज़वाब मांगा जा सकता है.

यही नहीं विपक्ष किसानों के मसले पर एकजुटता दिखाकर केंद्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग करेगा. यह रिपोर्ट 2006 में तैयार की गई थी. इसमें कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार की अनुशंसाएं की गई हैं. रिपोर्ट पांच हिस्सों में है. इसमें भू-सुधार, कृषि बीमा, खाद्य सुरक्षा, कृषि उपज के विपणन (मार्केटिंग), कृषि क्षेत्र में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल आदि विभिन्न पहलुओं को छुआ गया है.

विपक्ष के एक नेता कहते हैं, ‘किसानों की समस्या एक राज्य, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं है. उसमें भी ध्यान देने लायक ये है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों ही भाजपा शासित राज्य हैं जहां किसान आंदोलन उग्र हुए हैं. ऐसे में यही समय है जब इसे देशव्यापी आंदोलन का रूप देकर सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है. हमारी कोशिश देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे सभी आंदोलनों को एकजुट करने की है.’

हरियाणा में आज सात जगहों पर चक्का जाम, सरकार ने सीआरपीएफ बुलाई

किसान आंदोलन हरियाणा में भी ज़ोर पकड़ रहा है. इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे संगठन- भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष गौतम सिंह चदूनी ने एलान किया, ‘शुक्रवार दोपहर 12 से तीन के बीच राज्य में सात जगहों पर सड़कें जाम की जाएंगी. अंबाला, हिसार और रोहतक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाएंगे. जबकि सिरसा, भिवानी, जींद और चरखी-दादरी में अन्य सड़कें जाम की जाएंगी. राज्य सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तो 19 जून को दिल्ली में बैठक कर अगली रणनीति तय करेंगे.’

उधर राज्य सरकार ने भी किसान संगठनों की ओर से शुक्रवार को आयोजित चक्का जाम के मद्देनज़र सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) की चार कंपनियां बुला ली हैं. इन कंपनियों को राज्य पुलिस के साथ अंबाला, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और जींद में तैनात किया गया है.