आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) का सरगना अबू बकर अल-बगदादी क्या इस बार सच में मारा जा चुका है? रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं. सीएनएन के मुताबिक रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, ‘हम विभिन्न माध्यमों से इस ख़बर (बगदादी के मारे जाने बाबत) की पुष्टि कर रहे हैं. आईएस की स्वघोषित राजधानी रक़्क़ा (सीरिया का शहर) में बीती 28 मई को रूसी वायुसेना ने हवाई हमले किए थे. इनमें से एक हमला उस ठिकाने पर भी हुआ था जहां बगदादी अपने कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था. वहां आईएस के मध्य क्रम के करीब 30 कमांडर थे. साथ ही बगदादी की सुरक्षा में तैनात लगभग 300 आतंकी भी मौज़ूद थे. ये सभी शहर से भागने की योजना बना रहे थे.’

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस ठिकाने पर बग़दादी और उसके कमांडरों की मौज़ूदगी के बारे में टोही ड्रोन से मिली तस्वीरों से पुष्टि हुई थी. इसके बाद वहां हमला किया गया जिसमें बग़दादी मारा गया. वैसे अमेरिका ने भी 28 मई को रक़्का पर रूसी हवाई हमले की पुष्टि की है. लेकिन बगदादी के मारे जाने संबंधी दावे की प्रमाणिकता वह भी जांच रहा है. बगदादी के मारे जाने संबंधी ख़बरों का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार इस तरह की ख़बरें आ चुकी हैं जो बाद में ग़लत साबित हुई हैं.

सीएनएन की वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय संवाददाता क्लैरिसा वार्ड भी सहज़ इस ख़बर पर भरोसा नहीं कर पा रही हैं. वे कहती हैं, ‘उन (आईएस के लड़ाकों) पर लगातार बमबारी हो रही है. ड्रोन हमले हो रहे हैं. इसलिए वे लोग बड़े समूह में कहीं भी एक जगह इकट्‌ठे नहीं होते. लेकिन फिर भी अगर वह इस बार सच में मारा जा चुका है तो निश्चित रूप से यह आईएस के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा सकता है.’