राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं. मुख्य विपक्षी दल भाजपा द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बीच भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने उनके बड़े बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को आवंटित पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द कर दिया है. समाचार एजेंसी एएऩआई के मुताबिक बीपीसीएल ने पेट्रोल पंप आवंटन के बारे में तेज प्रताप यादव के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताते हुए यह कदम उठाया है.

रिपोर्ट के मुताबिक बीपीसीएल ने 31 मई को तेज प्रताप यादव को नोटिस कर 15 दिन के भीतर यह बताने को कहा था कि उन्हें पेट्रोप पंप का लाइसेंस कैसे मिला. बीपीसीएल ने यह नोटिस यह शिकायत मिलने के बाद जारी किया है कि पटना के अत्यधिक व्यस्त अनीशाबाद बाईपास पर पेट्रोल पंप का यह लाइसेंस गलत सूचना देकर लिया गया.

इससे पहले बिहार में भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में फर्जी दस्तावेजों के सहारे तेज प्रताप यादव को पेट्रोप पंप देने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि पेट्रोल पंप के लिए आवेदन करते समय तेज प्रताप यादव के पास जरूरी 43 डिसमल जमीन नहीं थी. सुशील कुमार मोदी के मुताबिक यह पेट्रोल पंप जिस जमीन पर है, उसे 2012 में शराब निर्माता एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कात्याल ने लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लीज पर दिया था जिसकी शर्तों के अनुसार इसे आगे किसी को लीज पर नहीं दिया जा सकता था.