हिमाचल प्रदेश में शिमला नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने 34 में से 17 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं निगम में सत्तारूढ़ रही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को करारी हार का सामना करना पड़ा. उसे महज एक सीट पर जीत मिली है. राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को 13 सीटें मिली हैं जबकि चार निर्दलियों को. तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है तो एक निर्दलीय पार्षद के भाजपा के साथ जाने की संभावना है.

भारतीय जनता पार्टी का यह नगर निगम में पिछले तीन दशक में सबसे बेहतर प्रदर्शन है. हालांकि उसे बहुमत के लिए जरूरी 18 सीटों से एक सीट कम मिली है. लेकिन उम्मीद है कि ​एक निर्दलीय पार्षद की सहायता से वह निगम में अपनी सरकार बना लेगी. एक पार्षद ने बागी होकर चुनाव लड़ा था, इसलिए भी ऐसी संभावना प्रबल है.

2012 के पिछले चुनाव में सीपीएम ने सभी दलों को चकित करते हुए मेयर और डिप्टी मेयर पद पर कब्जा जमा लिया था. उससे पहले निगम में 26 सालों तक कांग्रेस का कब्जा रहा था. यह चुनाव हालांकि पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा गया था. लेकिन विभिन्न दलों ने अलग-अलग उम्मीदवारों को अपना समर्थन देने का ऐलान किया था.

यह चुनाव शुक्रवार को हुआ था, जिसमें 58 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. चुनाव में निर्वासित तिब्बतियों ने भी अपना मत डाला था. चेन्नई और कोलकाता के बाद देश में शिमला नगर निगम सबसे पुराना नगर निगम है.