पनामा पेपर्स लीक : जेआईटी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को समन जारी किया | सोमवार, 12 जून 2017

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पनामा पेपर्स लीक मामले में संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का सामना करना पड़ेगा. स्थानीय अखबार डॉन के मुताबिक एक समन जारी कर जेआईटी ने नवाज शरीफ को पूछताछ के लिए 15 जून को हाजिर होने का आदेश दिया है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद नवाज शरीफ और उनके बच्चों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जेआईटी से कराने और इसे 60 दिन में पूरा करने का आदेश दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक नवाज शरीफ पाकिस्तान के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जो पद पर रहते हुए किसी जांच एजेंसी का सामना करेंगे. खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधियों वाली छह सदस्यीय जेआईटी ने नवाज शरीफ को पनामा पेपर्स से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को साथ लाने का भी निर्देश दिया है. सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आई है कि जेआईटी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से पहले वित्त मंत्री इशाक डार से भी पूछताछ कर सकती है.

ताइवान को एक और झटका, पनामा ने राजनयिक रिश्ते तोड़ते हुए चीन से हाथ मिलाया | मंगलवार, 13 जून 2017

खुद को चीन से अलग एक स्वतंत्र देश बताने वाले ताइवान का एक और सहयोगी ने साथ छोड़ दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पनामा गणतंत्र ने ताइवान के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ते हुए उसे चीन का हिस्सा मानने वाली ‘वन चाइना पॉलिसी’ को स्वीकार कर लिया है. मंगलवार को बीजिंग में पनामा की उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री इसाबेल सेंट मालो डि अलबर्दो और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की बैठक में इससे जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए.

रिपोर्ट के मुताबिक पनामा के फैसले पर ताइवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. ताइवान ने पनामा पर वर्षों पुरानी दोस्ती को अनदेखा करने और आर्थिक हितों के लिए चीन के साथ जाने का आरोप लगाया है. हालांकि, पनामा ने ताइवान से रिश्ता तोड़ने के बारे में कोई सफाई नहीं दी है. लेकिन, चीन के साथ उसकी बढ़ती आर्थिक साझेदारी को इस फैसले के पीछे की प्रमुख वजह माना जा रहा है. इस बीच ताइवान ने कहा है कि वह आर्थिक प्रलोभन के जरिए सहयोगियों को जोड़ने के मामले में चीन के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करेगा.

बांग्लादेश में भूस्खलन में 125 से ज्यादा की मौत | बुधवार, 14 जून 2017

बांग्लादेश में भारी बारिश और भूस्खलन से चार सैनिकों सहित कम से कम 125 लोगों की मौत हो गई है. सोमवार से हो रही भारी मानसूनी बारिश के चलते बांग्लादेश के दक्षिणपूर्वी हिस्से के चिटगांव, रंगमती और बंदरबान जिलों में भूस्खलन की बड़ी घटनाएं हुई हैं. बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार के मुताबिक सबसे ज्यादा (88) मौतें राजधानी ढाका से करीब 400 किलोमीटर दूर रंगमती जिले में हुई हैं.

पिछले महीने मोरा तूफान की वजह से बांग्लादेश में आठ लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा था. मानसून के दौरान बांग्लादेश के पहाड़ी इलाकों में अक्सर भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं. 2010 में दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में बाढ़ और भूस्खलन से 53 लोगों की मौत हो गई थी.

कतर संकट पर पाकिस्तान भी मुश्किल में, सऊदी अरब ने उसे अपना पक्ष साफ करने को कहा | गुरुवार, 15 जून 2017

सऊदी अरब ने कतर को लेकर पाकिस्तान से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है. द इकॉनॉमिक टाइम्स के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ एक बैठक में सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज ने उनसे पूछा था, ‘आप हमारे साथ हैं या कतर के.’ नवाज शरीफ कतर संकट का समाधान निकालने के लिए सऊदी अरब पहुंचे थे. हालांकि, पाकिस्तान का कहना है कि वह फिलहाल मध्य पूर्व के राजनयिक संकट में किसी का भी पक्ष नहीं लेगा.

बीते हफ्ते सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने कतर पर आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था और अपने राजनीतिक और आर्थिक संबंध तोड़ दिए थे. पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में सबको साधने की नीति पर आगे बढ़ रहा है. लेकिन, सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान उसके साथ आए. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार एक अधिकारी ने बताया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने सऊदी अरब के उच्चाधिकारियों को बता दिया है कि पाकिस्तान मुस्लिम दुनिया को बांटने वाली किसी भी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा.

क्या अबू बकर अल-बगदादी सच में मारा जा चुका है? | शुक्रवार, 16 जून 2017

आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) का सरगना अबू बकर अल-बगदादी क्या इस बार सच में मारा जा चुका है? रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं. सीएनएन के मुताबिक रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, ‘हम विभिन्न माध्यमों से इस ख़बर (बगदादी के मारे जाने बाबत) की पुष्टि कर रहे हैं. आईएस की स्वघोषित राजधानी रक़्क़ा (सीरिया का शहर) में बीती 28 मई को रूसी वायुसेना ने हवाई हमले किए थे. इनमें से एक हमला उस ठिकाने पर भी हुआ था जहां बगदादी अपने कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था. वहां आईएस के मध्य क्रम के करीब 30 कमांडर थे. साथ ही बगदादी की सुरक्षा में तैनात लगभग 300 आतंकी भी मौज़ूद थे. ये सभी शहर से भागने की योजना बना रहे थे.’

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस ठिकाने पर बग़दादी और उसके कमांडरों की मौज़ूदगी के बारे में टोही ड्रोन से मिली तस्वीरों से पुष्टि हुई थी. इसके बाद वहां हमला किया गया जिसमें बग़दादी मारा गया. वैसे अमेरिका ने भी 28 मई को रक़्का पर रूसी हवाई हमले की पुष्टि की है. लेकिन बगदादी के मारे जाने संबंधी दावे की प्रमाणिकता वह भी जांच रहा है. बगदादी के मारे जाने संबंधी ख़बरों का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार इस तरह की ख़बरें आ चुकी हैं जो बाद में ग़लत साबित हुई हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा के समय क्यूबा से हुआ समझौता रद्द करने का ऐलान किया | शनिवार, 17 जून 2017

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो साल पहले बराक ओबामा द्वारा क्यूबा के साथ किए गए समझौते को रद्द करने की घोषणा की है. इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर नए यात्रा और व्यापार प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है. हालांकि अमेरिका ने क्यूबा में अपने दूतावास को बंद न करने का फैसला लिया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक रैली में कहा कि क्यूबा के साथ अमेरिका का समझौता एकतरफा था इसलिए इसे रद्द किया जा रहा है. व्हाइट हाउस के अनुसार इस समझौते के रद्द होने से अब अमेरिकी कंपनियां क्यूबा के साथ कोई कारोबार नहीं कर सकेंगी.

इससे पहले दिसंबर 2014 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ अमेरिका के संबंध सामान्य बनाने की कोशिश शुरू की थी. दोनों देश शीत युद्ध के समय से ही एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे हैं. दोनों जुलाई 2015 में एक दूसरे के यहां 1961 में बंद हुए अपने दूतावास दोबारा खोलने पर राज़ी हुए थे.