सत्ता पक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी घोषित करने के बाद की राजनीतिक हलचलों को आज के अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक शिवसेना और बीजू जनता दल सहित दक्षिण भारत की कई प्रमुख पार्टियों ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया है. इसके साथ अब सबकी नजर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर है. बताया जाता है कि वे बुधवार को अपनी पार्टी की बैठक में इस पर फैसला ले सकते हैं.

टीम इंडिया के मौजूदा कोच अनिल कुंबले द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने की खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. कुंबले के इस्तीफे की वजह विराट कोहली द्वारा उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाना माना जा रहा है. इसके अलावा बेनामी संपत्ति मामले में लालू प्रसाद यादव के परिजनों के खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है.

उत्तर प्रदेश : बांदा के दलितों द्वारा खुले में शौच के लिए खेत मालिकों को 40 रुपए प्रतिमाह देने की मजबूरी

उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित भुजवन पुरवां गांव के दलितों को पिछले डेढ़ दशक से खुले में शौच के लिए खेत मालिकों को एडवांस 40 रुपए प्रति माह देना होता है. इसके अलावा महीने में तीन बार दो से अधिक मेहमान आने पर 10 रु अतिरिक्त देने होते हैं. नवभारत टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दलित परिवार की महिलाओं को खेत मालिक के यहां 70 रुपए प्रतिदिन की दर से मजदूरी भी करनी पड़ती है. खेत मालिकों की शर्त न मानने पर उन्हें गांव से तीन किमी दूर शौच के लिए जाना पड़ता है. बताया जाता है कि गांव में कुल 60 दलित परिवार हैं जिनमें 40 कच्ची झोपड़ी में रहते हैं. उनके अलावा बाकी दलित परिवारों के मकानों में भी शौचालय नहीं है.

गोरखालैंड आंदोलन : जीजेएम के नेतृत्व में पार्टियों का आंदोलन जारी रखने का ऐलान, जीटीए चुनाव का बहिष्कार

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में गोरखालैंड राज्य की मांग कर रही पहाड़ स्थित पार्टियों ने सर्वदलीय बैठक में अगले महीने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) चुनाव में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है. साथ ही इस आंदोलन को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया गया है. अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक बैठक में कहा गया कि इलाके से अर्द्धसैनिक बलों को हटाए जाने के बाद ही आंदोलन वापस लिया जाएगा. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के नेतृत्व में पार्टियों ने कहा है कि भविष्य में इस मुद्दे पर किसी भी तरह की बातचीत केवल केंद्र सरकार के साथ होगी. इस बैठक में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया.

छत्तीसगढ़ में 25 जवानों की नक्सलियों द्वारा हत्या मानवाधिकार हनन का मामला नहीं :सीआरपीएफ

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बीते अप्रैल में छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्वारा मारे गए 25 जवानों की हत्या को मानवाधिकार हनन मानने से इनकार कर दिया है. दैनिक जागरण ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक सुरक्षाबल ने यह बात सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में कही है. इसमें आवेदनकर्ता ने इसे मानवाधिकार हनन का मामला मानते हुए घटना की रिपोर्ट की मांग की थी. सीआरपीएफ ने इसके जवाब में कहा है कि इस मामले का भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन से कोई संबंध न होने की वजह से रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती. आरटीआई कानून के तहत सीआरपीएफ को इन दोनों आरोपों को छोड़कर किसी भी अन्य मामले की जानकारी नहीं देने की छूट दी गई है.

दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात में कैदियों के खान-पान पर सबसे कम खर्च : एनसीआरबी

दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात की जेलों में कैदियों के खान-पान पर सबसे कम खर्च किया जाता है. द इंडियन एक्सप्रेस में एनसीआरबी के हवाले से छपी खबर के मुताबिक इन राज्यों में एक कैदी पर प्रतिदिन क्रमश: 31.11 रु, 32.83 रु, 34.22 रु और 35.58 रु ही खर्च किए जाते हैं. यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (प्रतिदिन 52.42 रु) से काफी कम है. दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड इस मामले में अव्वल है. इस राज्य में एक कैदी के खान-पान पर प्रतिदिन 139.22 रु खर्च किए जाते हैं. इसके बाद जम्मू-कश्मीर में यह आंकड़ा 110.33 रु है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तय किए गए नियमों के मुताबिक पुरुष कैदी को प्रतिदिन 2320 से 2730 कैलोरी मिलनी चाहिए. महिलाओं के लिए यह आंकड़ा 1900-2830 कैलोरी है.

आज का कार्टून

मोदी सरकार के अच्छे दिनों के नारे पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :