मध्य प्रदेश पुलिस ने बुरहानपुर जिले में गिरफ्तार किए गए 15 लोगों पर लगा राजद्रोह का मामला हटा लिया है. इन सभी पर बीते रविवार चैंपियन्स ट्रॉफी के फाइनल में भारत पर पाकिस्तान की जीत के बाद जश्न मनाने और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने का आरोप है. खबर के मुताबिक शिकायत के बाद पुलिस ने जांच में पाया कि इन पर आईपीसी की धारा 153-ए (सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने) का मामला दर्ज किया जाना चाहिए. इससे पहले आरोपितों के खिलाफ धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 124-ए (राजद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

हिन्दुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पुलिस ने यह कदम मानवाधिकार संगठनों द्वारा आरोपितों पर राजद्रोह का मामला दर्ज करने को लेकर आपत्ति जताने के बाद उठाया है. इन संगठनों ने सवाल उठाया था कि किसी क्रिकेट मैच में दूसरी टीम के लिए जश्न मनाने पर राजद्रोह का मामला कैसे दर्ज किया जा सकता है. वहीं दूसरी तरफ बुरहानपुर के शाहपुर, जहां यह मामला दर्ज हुआ है, में मुसलमानों की बड़ी आबादी होने की वजह से भाजपा इन्हें नाराज करना नहीं चाहती. यह इलाका प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान का गृह क्षेत्र भी है.

बीते मंगलवार को आरोपितों के परिजनों ने अपनी तकलीफ जाहिर करते हुए कहा था कि राजद्रोह का मामला उनकी जिंदगी बर्बाद कर देगा. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि मुसलमान होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.