वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए लंबी लाइनों से तंग हो चुके बेंगलुरुवासियों के लिए अच्छी खबर है. अब वे घर बैठे ही अपनी गाड़ियों के लिए फ्यूल मंगा सकते हैं. और यह पूरी प्रक्रिया उतनी ही सहज है जितना घर बैठे पिज्ज़ा या रोजमर्रा की अन्य वस्तुएं ऑर्डर करना.

सालभर पुराने स्टार्टअप माई पेट्रोल पंप ने अपने तीन डिलीवरी वाहनों की मदद से यह सुविधा शुरु की है. अपने इस अनूठे कदम को लेकर माई पेट्रोल पंप का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों में लगे रहने से न सिर्फ न सिर्फ बेवजह ईंधन की बर्बादी होती है बल्कि पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचता है. साथ ही लोगों का बहुमूल्य समय खराब होता है, सो अलग. ऐसे में घर बैठे फ्यूल की सप्लाई से ईंधन, पर्यावरण और लोगों का समय तीनों को बचाया जा सकता है. फिलहाल यह कंपनी सिर्फ डीज़ल की आपूर्ति कर रही है.

हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि इतना ईंधन लेकर सड़कों पर चलना खतरनाक हो सकता है. लेकिन इस बारे में कंपनी का दावा है कि उसने सारे पहलुओं पर गौर करने और पेट्रोल मंत्रालय से मशवरा करने के बाद ही यह कदम उठाया है. फिलहाल माई पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक यह सुविधा मुहैया करवा रही है, जिसे कंपनी आगे चलकर 24x7 तक बढ़ाना चाहती है.

चूंकि माई पेट्रोल पंप फ्यूल वेंडर नहीं है इसलिए अभी यह अधिकृत पेट्रोल पंपों से ईंधन की खरीददारी कर अपने ग्राहकों तक उपलब्ध करवा रही हैं. जिसके लिए कंपनी 100 लीटर तक के डीज़ल पर कीमत से अतिरिक्त 99 रुपए वसूल रही है. 100 लीटर से ज्यादा ईंधन लेने पर आपको एक रू प्रति लीटर अतिरिक्त देना होगा. माई पेट्रोल पंप को ऑर्डर देने के लिए आप कॉल या कंपनी के एप का सहारा ले सकते हैं.

फोर्ड इंडिया ने अपनी 39315 कारें वापिस मंगवाईं

फोर्ड इंडिया ने 2004 से 2012 के बीच बनी अपनी 39315 कारों को वापस मंगवाने या रीकाल करने का निर्णय लिया है. इनमें सबसे ज्यादा कंपनी की सिडैन फिएस्टा क्लासिक और हैचबैक फिगो फर्स्ट जनरेशन शामिल है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने इन कारों में मौजूद हाई प्रेशर पॉवर असिस्टेड स्टीयरिंग (पीएस) में मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट के चलते इस रीकॉल का फैसला लिया है. भारत ही नहीं, इस खामी के चलते फोर्ड ने अफ्रीका से भी अपनी कई गाड़ियों को वापस मंगवाया है.

फोर्ड के मुताबिक इस पॉवर स्टीयरिंग में उपयोग में लिया जाने वाला ऑयल लीक होने लगता है. जो बाहर निकलकर इंजन में चला जाता है. तब इस ऑयल के गाड़ी के एग्जास्ट सिस्टम से जुड़े उपकरणों के संपर्क में आने की पूरी संभावना रहती है. जिससे इंजन से धुंआ निकलने से लेकर आग लगने तक की घटनाएं हो सकती हैं.

मीडिया को दिए बयान के मुताबिक प्रभावित गाड़ियों के मालिकों से कंपनी सीधे संपर्क स्थापित करेगी और खराब स्टियरिंग को अपने डीलर्स के जरिए बदलवाएगी. फोर्ड का कहना है कि दुनिया भर में वह अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए आगे बढ़कर अपनी गाड़ियों को वापिस मंगवाना उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है.

बीएमडब्ल्यू भारत में 130 करोड़ रुपए निवेश करेगी

जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने भारत मेंं अपना ऑपरेशन बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपए निवेश करने का ऐलान किया है. इस निवेश के साथ देश में कंपनी का कुल निवेश बढ़कर 1250 करोड़ रुपए हो जाएगा जो कारों के साथ कंपनी के दुपहिया वाहनों (मोटरसाइकल) से जुड़े ऑपरेशन में भी इस्तेमाल होगा.

बताया जा रहा है कि कंपनी भारतीय बाजार के लिहाज से अपना प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करना चाहती है. इस मौके पर बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट विक्रम पावा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ‘हम 2007 से भारत में लगातार निवेश कर रहे हैं. जिसे इस साल बढ़ाकर हम 1250 करोड़ करने जा रहे हैं.’

जानकारों की मानें तो कंपनी देश में अब अपने डीलर नेटवर्क को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. इस बारे में पावा का कहना था, ‘अभी पूरे देश में हमारे पास 30 शहरों में 63 टच पॉइंट और 41 सेल्स आउटलेट हैं, जिन्हें 2018 तक बढ़ाकर हमें 50 करना है.’ उन्होंने यह भी कहा कि देश के कस्बों तक अपने ग्राहक बनाने के लिए कंपनी मोबाइल स्टूडियो का सहारा लेगी.

पावा ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि अगले दो सप्ताह में कंपनी अपनी नयी 5 सीरीज़ लॉन्च करने जा रही है. भारत में बीएमडब्ल्यू की सफलता का श्रेय इसी मॉडल को दिया जाता है. 2007 से लेकर अब तक कंपनी ने 5 सीरीज़ की कुल 66000 यूनिट बेची हैं जो कंपनी की कुल सेल का तकरीबन 30 प्रतिशत है. कंपनी के मुताबिक वह अगले साल 5 और 7 सीरीज़ के बीच का एक मॉडल लॉन्च करेगी जिसे 6 जीटी नाम दिया जाएगा और यह भारत में एक नए सेगमेंट की शुरुआत के साथ कंपनी के लिए नया बाजार खड़ा करेगा.