‘हिंदी राष्ट्रभाषा है, हिंदी के बिना भारत में आगे बढ़ना संभव नहीं है.’

— वेंकैया नायडू, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने यह बात साबरमती आश्रम में 100 खंडों वाले महात्मा गांधी वांग्मय को जारी करते हुए कही. महात्मा गांधी की शिक्षाओं को अमर बताते हुए उन्होंने कहा, ‘अंग्रेजी सीखते-सीखते हमारे भीतर अंग्रेजी की मानसिकता आ जाती है जो ठीक नहीं है, देश के हित में भी नहीं है.’ वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि रोजगार मिलने की वजह से लोगों का अंग्रेजी के सामने नतमस्तक होना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा, ‘मातृभाषा हमारी पहचान है, हमें इस पर गर्व होना चाहिए.’ केंद्रीय मंत्री के मुताबिक लोगों को हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी और भोजपुरी जैसी अपनी मातृभाषाओं को भी अच्छे से सीखना चाहिए.

लालू और नीतीश अगर अपने मतभेद सुलझा लेंगे तो बिहार के लिए अच्छा होगा.’

— शत्रुघ्न सिन्हा, भाजपा सांसद

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का यह बयान राष्ट्रपति चुनाव में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के बीच टकराव को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘दोनों नेता जयप्रकाश नारायण की राजनीति से उपजे हैं और दोनों के अपने-अपने तर्क (राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के समर्थन पर) हैं. इन तर्कों को किनारे करते हुए दोनों नेताओं को किसी राजनीतिक विवाद में नहीं उलझना चाहिए.’ राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वे केवल जगजीवन राम की बेटी नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी पहचान है. भाजपा सांसद ने आगे कहा कि उनका (मीरा कुमार) दिल्ली, बिहार और विदेश सेवा में बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है और वे हर लिहाज से ‘बिहार की बेटी’ हैं.


‘महाराष्ट्र में 10 लाख रुपये से ज्यादा कमाने वाले किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलेगा.’

— देवेंद्र फड़णवीस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस का यह बयान महाराष्ट्र के किसानों का 34,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किए जाने की जानकारी देते हुए आया. उन्होंने कहा कि सभी किसानों का डेढ़ लाख रुपये तक का कर्ज पूरी तरह माफ कर दिया गया है. देवेंद्र फड़णवीस ने आगे कहा कि जिन किसानों ने अपने कर्ज की किश्तें नियमित रूप से जमा कराई हैं, उन्हें 25 फीसदी ऋण वापसी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के चलते राज्य पर आने वाले आर्थिक दबाव से निपटने के लिए सरकार अपने खर्चों में कटौती करेगी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की कर्जमाफी में मदद के तौर पर राज्य के सभी मंत्री और विधायक एक महीने का वेतन देंगे.


‘अभिनेताओं के राजनीति में आने से ही तमिलनाडु खंडहर हो गया है.’

— सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा नेता और सांसद

सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान फिल्म अभिनेता रजनीकांत के राजनीति में आने की संभावना पर आया. उन्होंने कहा, ‘राजनीति में आने वाले अभिनेताओं को काला धन बहुत रास आता है, उनके विदेशों में बैंक खाते होते हैं और इन्हीं वजहों से तमिलनाडु आज सबसे भ्रष्ट राज्य बन गया है.’ सुब्रमण्यम स्वामी ने आगे कहा कि वे (रजनीकांत) अनपढ़ हैं और राजनीति में आने के लिए अयोग्य हैं. इससे पहले गुरुवार को रजनीकांत ने कहा था कि उन्होंने तमिलनाडु में सक्रिय कुछ नेताओं से अपनी राजनीतिक योजना पर चर्चा की है और सारी चीजें तय हो जाने पर वे इसकी घोषणा कर देंगे.


‘कतर का बहिष्कार सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि उसके व्यवहार में बदलाव लाने के लिए है.’

— अनवर गरगाश, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री

अनवर गरगाश का यह बयान कतर का बहिष्कार करने वाले अरब देशों द्वारा उसके सामने रखी गई 13 मांगों को न मानने पर सैन्य कार्रवाई के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘कतर के साथ तनाव को और बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है.’ सऊदी अरब के नेतृत्व में कतर के सामने रखी गई मांगों में अल-जजीरा टीवी को बंद करना, ईरान से संबंध तोड़ना, तुर्की सैनिकों को कतर से बाहर निकालना और मुस्लिम ब्रदरहुड से संबंध तोड़ना शामिल है. उधर, कतर के संचार कार्यालय के निदेशक शेख सैफ अल-थानी ने इन मांगों को अव्यवहारिक बताया है. उनका कहना है कि कतर के बहिष्कार का मकसद आतंकवाद से निपटना नहीं बल्कि कतर की संप्रभुता को चोट पहुंचाना और उसकी विदेश नीति को निर्देशित करना है.