चीन सरकार ने जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता ल्यू शियाबो को इलाज के लिए रिहा कर दिया है. उनके वकील मो शाओपिंग के अनुसार मई में शियाबो के अंतिम चरण के लीवर कैंसर से पीड़ित होने का पता चला था, इसलिए उन्हें मेडिकल पेरोल पर रिहा करने का फैसला लिया गया. शियाबो को फिलहाल लियाओनिंग प्रांत के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.

लोकतंत्र समर्थक शियाबो को चीन की एकदलीय कम्युनिस्ट प्रणाली में सुधार और मानवाधिकारों की रक्षा करने वाली याचिका (चार्टर 08) लिखने के चलते 2008 में गिरफ्तार किया गया था. 2009 में वहां की अदालत ने शियाबो को 11 साल की सजा सुनाई थी. इस तरह उन्हें अभी अपनी सजा के तीन साल पूरे करने हैं. चीन सरकार ने 2010 से उनकी पत्नी को भी नजरबंद कर रखा है.

लोकतंत्र के लिए किए गए बेहतरीन काम के चलते 2010 में उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया. जेल में रहते यह सम्मान पाने वाले वे तीसरे शख्स थे. तब चीनी सरकार ने कहा कि शियाबो को यह सम्मान देना उसके आंतरिक मामलों में दखल देने जैसा है. सरकार ने उन्हें पुरस्कार लेने भी नहीं जाने दिया. तब सम्मान समारोह में शियाबो के लिए तय सीट को खाली छोड़ दिया गया था. शियाबो को नोबेल सम्मान देने के बाद नार्वे और चीन के रिश्ते भी बिगड़ गए थे जो 2016 में जाकर सामान्य हो पाए.