‘विचारधारा के लिए लड़ने वाला फाइटर होता है, बलि का बकरा नहीं.’

— मीरा कुमार, राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की प्रत्याशी

मीरा कुमार का यह बयान राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों द्वारा उन्हें बलि का बकरा बनाए जाने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘योद्धा होने के नाते मैं लड़ूंगी और मुझे पूरा भरोसा है कि लोग मेरे साथ आएंगे.’ एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद के मुकाबले संख्या बल न होने की बात पर मीरा कुमार ने कहा, ‘अगर मेरे पास पर्याप्त संख्या नहीं है तो आप नतीजा क्यों नहीं घोषित कर देते? क्यों चुनाव करा रहे हैं?’ उन्होंने देश के सर्वोच्च पद के निर्वाचन को दलित बनाम दलित के रूप में पेश करने को शर्मनाक बताया. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष का यह भी कहना था कि लोगों को लगातार अपनी सोच को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

क्रिकेट सहित सभी खेलों में दलितों को 25 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए.

— रामदास अठावले, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के अध्यक्ष

रामदास अठावले का यह बयान चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘पिछले समय में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद विराट कोहली और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों को फाइनल मुकाबले में देखकर लगा कि जैसे वे हारने के लिए खेल रहे हों.’ रामदास अठावले ने आगे कहा, ‘क्या फाइनल मुकाबले में मैच फिक्सिंग शामिल थी? इसकी जांच होनी चाहिए. कोहली को आखिर उस दिन क्या हो गया था?’ उनका यह भी कहना था कि भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह से पाकिस्तानी टीम के सामने घुटने टेक दिए, वह न केवल निराशाजनक, बल्कि देश का अपमान था.


‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की भलाई के लिए नई-नई योजनाएं आजमाते रहते हैं.’

— जीतन राम मांझी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का यह बयान वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को मोदी सरकार का ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘जीएसटी ने कर ढांचे को एकीकृत कर दिया है, जिससे समाज को निश्चित तौर पर लाभ होगा.’ जीएसटी से व्यापारियों और निर्माण क्षेत्र को फायदा होने का दावा करते हुए जीतन राम मांझी का कहना था कि विपक्ष के पास जीएसटी की आलोचना करने के लिए तथ्य नहीं हैं और वह इसके लाभ के बारे में सोचने के लिए तैयार नहीं है. एक देश-एक कर के मकसद के साथ जीएसटी को एक जुलाई से लागू कर दिया गया है.


‘जीएसटी से व्यापारियों और उद्यमियों को इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिली है.’

— अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

अमित शाह का यह बयान वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) से आर्थिक विकास तेज होने का दावा करते हुए आया. उन्होंने कहा कि जीएसटी को ‘एक देश-एक कर’ का सपना साकार करने के लिए 17 अलग-अलग करों को मिलाकर लाया गया है जो आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार है. भाजपा अध्यक्ष का यह भी कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से पद संभाला है, वे सभी क्षेत्रों में नई-नई बातों को लागू कर रहे हैं.


‘चाहे इंडोनेशिया हो या अमेरिका या फिर यूरोप, सभी जगहों पर मैं और वे की राजनीति से लड़ने की जरूरत है.’

— बराक ओबामा, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति

बराक ओबामा का यह बयान इंडोनेशनिया में बढ़ते सांप्रदायिक विभाजन पर आया. इंडोनेशिया में बीते अपने बचपन को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘इंडोनेशिया हजारों द्वीपों, सैकड़ों भाषाओं, कई क्षेत्रों और जातीय समूहों से बना है. यहां गुजारे गए वक्त ने मुझे लोगों के मतभेदों का आदर करना सिखाया है.’ इंडोनेशिया में संरक्षित हिंदू और बौद्ध मंदिरों का उदाहरण देते हुए बराक ओबामा ने आगे कहा कि दुनिया की सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला इंडोनेशिया ऐतिहासिक तौर पर सहिष्णु रहा है, जिसे हर हाल में संरक्षित किया जाना चाहिए. इंडोनेशिया में काफी समय से गैर-मुस्लिमों और समलैंगिकों के खिलाफ असहनशीलता के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है.