प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा को आज के करीब सभी प्रमुख अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं. खबरों के मुताबिक इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर अपने भारतीय समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया.

दैनिक भास्कर के मुताबिक दोनों प्रधानमंत्री तेल अवीव स्थित हवाई अड्डे पर 18 मिनट में तीन बार गले मिले और चार बार उन्होंने हाथ मिलाया. इस मौके पर नेतन्याहू ने कहा, ‘70 साल से हमें आपका (भारत) का इंतजार था. आपका स्वागत है मेरे दोस्त.’ उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंध को आसमान से भी ऊंचा बताया. उधर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि वे इजरायल आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं. दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, विज्ञान और तकनीक पर कई समझौते होने हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के बाद तय समय में वाजिब कारणों से पुराने नोट न बदल पाने वालों को मौका देने का समर्थन किया है. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. शीर्ष अदालत का मानना है कि सरकार किसी भी व्यक्ति को उसकी मेहनत की कमाई या संपत्ति से वंचित नहीं कर सकती. मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. इस याचिका में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने के बारे में केंद्र सरकार और आरबीआई को निर्देश देने की मांग की गई है.

सीआईसी ने गृह मंत्रालय को सोनिया गांधी की नागरिकता का ब्योरा देने के लिए कहा

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने गृह मंत्रालय को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता का ब्योरा देने के लिए कहा है. दैनिक जागरण ने इसे पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक आयोग ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई सभी जानकारियां 15 दिनों के अंदर तलब की हैं. साथ ही मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर ने मंत्रालय के जन सूचना अधिकारी को अगली सुनवाई में पेश होने के लिए कहा है. उज्जैन स्थित एक आरटीआई कार्यकर्ता ने विदेश मंत्रालय से सोनिया गांधी समेत विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता दिए जाने का ब्योरा मांगा था. इसके बाद मंत्रालय ने इसे गृह मंत्रालय के हवाले कर दिया.

असम और अरुणाचल प्रदेश में अफ्स्पा हटाने की प्रक्रिया शुरू : गृह मंत्रालय

आने वाले वक्त में पूर्वोत्तर के दो भाजपा शासित राज्यों असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में द आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (अफ्स्पा) हटाया जा सकता है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने इन राज्यों से अफ्स्पा वाले इलाके में हालात की समीक्षा कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. बीते 27 वर्षों से पूरे असम में अफ्स्पा लागू है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में असम के साथ लगने वाले तीन जिलों सहित 18 अन्य पुलिस स्टेशनों के तहत आने वाले इलाकों में यह कानून लागू है. मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मणिपुर पर भी विचार किया जा रहा है.

विधि आयोग ने केंद्र से विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने के लिए नया कानून बनाने की सिफारिश की

विधि आयोग ने केंद्र सरकार से विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने के लिए नया कानून बनाने की सिफारिश की है. हिन्दुस्तान ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक आयोग ने इस कानून के दायरे में सभी धर्म के लोगों को लाने की वकालत की है. इसके लिए मौजूदा जन्म और मृत्यु पंजीकरण कानून (1969) में संशोधन कर किया जा सकता है. बताया जाता है कि कानून मंत्रालय के कहने पर न्यायाधीश बीएस चौहान की अध्यक्षता में किए गए एक अध्ययन के आधार विधि आयोग ने यह सिफारिश की है.

ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर खराब बर्ताव करने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी पर भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष की तरह बर्ताव करने भी आरोप लगाया है. द एशियन एज में प्रकाशित खबर के मुताबिक ममता बनर्जी ने कहा, ‘राज्यपाल ने मुझे फोन पर धमकी दी. जिस तरह से उन्होंने भाजपा का पक्ष लेते हुए बात की, उससे मैंने अपमानित महसूस किया. उन्होंने आगे कहा, ‘उन्हें समझना चाहिए कि वे इस पद के लिए मनोनीत किए गए हैं, जबकि मुझे इस पद (मुख्यमंत्री) के लिए चुना गया है.

उधर, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर हैरानगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि गवर्नर राज्य की ताजा स्थिति (24 परगना जिले में दो समुदायों के बीच हिंसा) पर मूकदर्शक बने हुए नहीं रह सकते. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को गोपनीय बताते हुए कहा कि इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.

आज का कार्टून

नरेंद्र मोदी के प्रति बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बदलते रुख पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :