दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपर सितारा रजनीकांत ने तमिल फिल्म उद्योग पर दोहरे करों के बोझ को लेकर चिंता ज़ताई है. उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह भी किया है कि इस व्यवस्था को ज़ल्द खत्म किया जाए. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक रजनीकांत ने ट़विटर के ज़रिए राज्य सरकार के नाम एक अपील जारी की है. इसमें उन्होंने लिखा है, ‘तमिल फिल्म उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए मैं तमिलनाडु सरकार से आग्रह करता हूं कि वह हमारी अर्ज़ी (दोहरा कर ख़त्म करने की) पर गंभीरता से विचार करे.’

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद तमिलनाडु सरकार ने तमिल फिल्म उद्योग पर अतिरिक्त रूप से 30 फीसदी स्थानीय निकाय कर लगाया है. इसके विरोध में तीन जुलाई से तमिलनाडु केे सभी 1,060 सिनेमाघरों ने तालाबंदी कर रखी है. इसी पर चिंता ज़ताते हुए रजनीकांत ने सरकार से अपील की है.

इसी मामले में दक्षिण भारत के दूसरे नामी सितारा कमल हासन ने भी बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने सरकार से दोहरी कर व्यवस्था ख़त्म करने की अपील करते हए तमिलनाडु के ही अन्य पड़ोसी राज्यों का उदाहरण भी दिया है. उन्होंने लिखा है, ‘केरल ने स्थानीय फिल्म उद्योग पर जीएसटी के अलावा कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश भी अपने फिल्म उद्योग को राहत देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. सिर्फ तमिलनाडु ही एक ऐसा राज्य है कि जिसने अपने फिल्म उद्योग पर 30 फीसदी अतिरिक्त कर लगाया है. यहां जानबूझकर फिल्म निर्माण के काम को मुश्किल में डालने की कोशिश की जा रही है.’