एक तरफ त्रिपुरा में बिना चुनाव के भारतीय जनता पार्टी का खाता खुलने की ख़बर आई और दूसरी तरफ पुडुचेरी में यह कारनामा हो भी गया. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस केंद्रशासित प्रदेश की उपराज्यपाल किरण बेदी ने मंगलवार देर शाम भाजपा के तीन मनोनीत विधायकों को विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ दिलाई है, जबकि यह अधिकार क़ायदे से विधानसभा अध्यक्ष का होता है.

ख़बर के मुताबिक उपराज्यपाल बेदी ने भाजपा की पुडुचेरी इकाई के अध्यक्ष वी सामिनाथन, कोषाध्यक्ष केजी शंकर और पार्टी समर्थक शिक्षाविद् एस सेल्वागणपति को विधायक के तौर पर शपथ दिलाई. इससे पहले ये तीनों मंगलवार को ही बेदी के अलावा विधानसभा अध्यक्ष वी वैतिलिंगम और राज्य के मुख्य सचिव मनोज परीदा से मिले थे. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को केंद्र से मिले उस पत्र की प्रति सौंपनी चाही थी जिसमें उन्हें सदन का सदस्य मनोनीत करने की बात कही गई है. लेकिन वैतिलिंगम ने यह प्रति लेने के बज़ाय तीनों सदस्यों से कहा कि वे विधानसभा सचिव काे पत्र सौंप दें. वहां से सही समय पर उन्हें सूचना भिजवा दी जाएगी.

इसी बीच मुख्य सचिव परीदा ने केंद्र के आदेश के पक्ष में उपराज्यपाल की ओर से अधिसूचना जारी कर दी. इसके बाद उपराज्यपाल ने देर शाम तीनाें सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलवा दी. ख़बरों के मुताबिक उपराज्यपाल के इस कदम से राज्य की कांग्रेस सरकार भौचक है. वह तीनों भाजपा सदस्यों के मनोनयन को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रही है. कांग्रेस की सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने भी इस फैसले का विरोध करने का फैसला किया है. वह आठ जुलाई को राज्य बंद का आयोजन कर रही है.

वैसे सूत्रों के मुताबिक यह पहला मौका नहीं है जब उपराज्यपाल ने विधायकों काे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई हो. इससे पहले 1990 में डीएमके के तीन मनोनीत सदस्यों को इसी तरह शपथ दिलाई गई थी.