रिलायंस जिओ जल्द ही दूरसंचार बाजार में एक और तूफान ला सकती है. खबरें हैं कि कंपनी जल्द ही 500 रुपये में 4जी वोल्ट फीचर फोन लाने की योजना बना चुकी है. जानकार मानते हैं कि इसकी घोषणा 21 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में सकती है.

हैंडसेट बंडल ऑफर के मामले में यह एक अभूतपूर्व क्रांति होगी. दूरसंचार बाजार के विशेषज्ञ राजीव शर्मा के मुताबिक़ रिलायंस जिओ अगर ऐसा करती है तो वह ग्राहकों को प्रति फ़ोन 10-15 (लगभग 650 से 750 रुपये) डॉलर की सब्सिडी दे रही होगी. यानी यह पैसा वह अपनी जेब से देगी.

हैंडसेट बंडल ऑफर में सब्सिडी कोई नया खेल नहीं है. दुनिया भर में मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियां ग्राहकों को सस्ती कीमत पर हैंडसेट उपलब्ध करवाकर एक तय अवधि के लिए उस फ़ोन को अपने नेटवर्क के साथ ब्लॉक कर देती हैं. इसका मतलब है कि ग्राहक उस फ़ोन में कोई दूसरा सिम नहीं लगा सकता. 2003 में जब रिलायंस इन्फोकॉम ने सीडीएमए सेवा शुरू की थी तो उसने अपने ग्राहकों को हैंडसेट पर ऐसी ही सब्सिडी दी थी.

राजीव शर्मा मानते हैं कि जिओ का यह कदम 2जी ग्राहकों की एक बड़ी तादाद को अपनी तरफ खींचने के लिए है. देश में इस समय 100 करोड़ से ऊपर मोबाइल ग्राहक हो गए हैं. इसमें से लगभग 70 फीसदी 2जी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं. इसकी वजह है नेटवर्क की उपलब्धता और 4जी स्मार्टफोन का बनिस्बत महंगा होना. 4जी या वोल्ट स्मार्टफोन बाज़ार में फिलहाल सबसे सस्ता फ़ोन लगभग चार हज़ार रुपये की कीमत का है. माना जा रहा है कि 500 रु में वोल्ट फीचर फोन देकर कंपनी अपने ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी की उस रफ्तार को तेज कर सकती है जो बीते कुछ समय के दौरान सुस्त हो गई है. जिओ के पास फिलहाल करीब 11 करोड़ ग्राहक हैं.

जिओ की इस योजना के पीछे उसकी मजबूरी भी है. टावरों से लेकर ऑप्टिकल फाइबर तक का जाल बिछाने की कवायदों में कंपनी ने करीब एक लाख सत्तासी हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अगर उसके ग्राहकों का दायरा फैलेगा नहीं तो उसकी लागत भी वसूल नहीं होगी. सस्ते हैंडसेट उपलब्ध करवाना इसी दिशा में किया गया प्रयास होगा. अभी देश में सिर्फ जिओ ही वोल्ट सेवाएं दे पा रही है. एयरटेल या वोडाफोन जैसा कंपनियां अभी सिर्फ ट्रायल तक ही सीमित हैं.

जहां 4जी में सिर्फ डेटा ही होता है वहीं वोल्ट का मतलब होता है वॉयर ओवर एलटीई यानी डेटा के रास्ते कॉलिंग करना. दूसरी तरफ 4जी में कॉल के लिए 2जी नेटवर्क इस्तेमाल होता है. यानी काल और डेटा के अलग-अलग रास्ते होते हैं. जानकार बताते हैं कि रिलायंस जिओ के लगभग 20 लाख वोल्ट फोन की पहली खेप जुलाई के अंत तक या अगस्त के पहले हफ्ते में आ जाएगी.

यानी होंठ नहीं उंगलियों के बात करने का दौर अब अौर भी मजबूत होने वाला है.