कैंसर से जूझ रहे चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता ​ल्यू शियाबो के बारे में चीनी सरकार का दावा है कि उनकी हालत नाजुक हो गई है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी दशा में वे अपना इलाज कराने चीन से बाहर नहीं जा सकते. जिस अस्पताल में उनका इलाज हो रहा है उसके मुताबिक ल्यू शियाबो का ट्यूमर बढ़ गया है और उनकी लीवर और किडनी की समस्या भी गंभीर हो गई है. अस्पताल ने बताया कि उनके परिवार को उनकी मौजूदा हालत की जानकारी दे दी गई है.

हालांकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का दावा खारिज किया है. उनका दावा है कि ल्यू शियाबो
को विदेश न जाने देने के लिए गलत सूचनाएं दी जा रही हैं. उनके मुताबिक चीनी सरकार डरती है कि बाहर जाने पर वे खुलकर अपनी बात रख पाएंगे. अपने दावे के समर्थन में कार्यकर्ताओं का कहना है कि ल्यू शियाबो
के टेस्ट करने वाले दो विदेशी डॉक्टरों ने उन्हें विदेश जाने लायक बताया है जो बताता है कि अस्पताल उनके स्वास्थ्य को लेकर गलतबयानी कर रहा है.

ल्यू शियाबो को 2009 में 11 साल की जेल की सजा सुनाई गई ​थी. इसके साल भर बाद 2010 में उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. लोकतंत्र के समर्थन में आवाज बुलंद करने के लिए चीनी सरकार ने उन्हें काफी प्र​ताड़ित किया. नोबेल पुरस्कार लेने के लिए भी उन्हें नार्वे नहीं जाने दिया गया. मई के अंत में कैंसर का पता चलने के बाद उन्हें इलाज के लिए जेल से पेरोल पर रिहा किया गया.