बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एफआईआर में उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘ जब उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कोई भ्रष्टाचार नहीं किया. 2004 में तो मेरे मूंछ भी नहीं आई थी, क्या 13-14 साल का कोई बच्चा यह सब कर सकता है?’ इस एफआईआर को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘यह अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी की साजिश है. वे पहले दिन से बिहार के महागठबंधन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.’

तेजस्वी यादव ने बिहार में महागठबंधन को अटूट बताया. उन्होंने कहा, ‘महागठबंधन कभी नहीं टूटेगा और आगे भी बना रहेगा.’ भाजपा को इसका जवाब देने का दावा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जब तक बिहार और पूरे देश से भाजपा का सफाया नहीं हो जाता, उनकी पार्टी संघर्ष करती रहेगी. इससे पहले महागठबंधन के दूसरे सहयोगी दल जदयू ने तेजस्वी यादव से जनता के सामने सफाई देने की मांग की थी. जदयू नेता अजय आलोक ने कहा, ‘गठबंधन की शर्तों को पूरा करना सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें (तेजस्वी यादव) इस एफआईआर पर सफाई देने की जरूरत है.’ उन्होंने यह भी कहा कि जदयू शांत नहीं बैठेगा और न ही अपने सिद्धांतों से कोई समझौता करेगा.

बीते हफ्ते शुक्रवार को सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. उनके 12 ठिकानों पर छापामारी भी की गई थी. यह मामला 2006 का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. एफआईआर में उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने निजी कंपनियों को रेलवे के होटलों के रखरखाव का ठेका देने में अनियमितता बरती थी और इसके बदले में इन कंपनियों ने उन्हें और उनके परिवार को लाभ पहुंचाया था.