‘राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए जो सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हो उसे जिताना चाहिए.’

— मुख्तार अब्बास नकवी, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री

मुख्तार अब्बास नकवी का यह बयान विपक्षी दलों द्वारा पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘भारत एक लोकतांत्रिक देश है और राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष द्वारा उम्मीदवार उतारना कोई नई बात नहीं है.’ मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने हिसाब से बेहतर उम्मीदवार को जिताना चाहते हैं. हालांकि, पांच अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सत्ता पक्ष ने अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

‘नीतीश कुमार को कांग्रेस का अध्यक्ष बना देना चाहिए.’

— रामचंद्र गुहा, इतिहासकार

इतिहासकार रामचंद्र गुहा का यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘सच्चा नेता’ बताते हुए आया. कांग्रेस को बिना नेता की पार्टी और नीतीश को बिना पार्टी का नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ऐसा नहीं करती है तो भारतीय राजनीति में नीतीश कुमार या सोनिया गांधी का कोई भविष्य नहीं बचेगा. रामचंद्र गुहा ने आगे कहा, ‘मोदी की तरह नीतीश पर परिवार का दबाव नहीं है, लेकिन मोदी के विपरीत वे आत्ममुग्ध नहीं हैं. यही बात नीतीश के पक्ष में अपील पैदा करती है.’ उन्होंने कहा कि दो साल काफी लंबा समय होता है, कांग्रेस को नया नेतृत्व मिलने पर चीजें बदल सकती हैं. एकल पार्टी के लंबे शासन को घातक बताते हुए रामचंद्र गुहा ने कहा कि कांग्रेस का कमजोर होना चिंताजनक है.


‘नरेंद्र मोदी के रूप में समाज को उसका सुख-दुख समझने वाला एक ठेकेदार मिल गया है.’

— मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताब ‘द मेकिंग ऑफ अ लीजेंड’ के लोकार्पण कार्यक्रम में आया. उन्होंने कहा, ‘समाज हमेशा अपने कल्याण के लिए कोई ठेकेदार खोजता है. लेकिन, इसमें एक समस्या हो सकती है कि लोग ठेकेदार के सिर पर सारा बोझ डालकर सो जाएं. अब ऐसा नहीं होना चाहिए.’ मोहन भागवत ने कहा कि देश के लिए भक्तिभाव होना चाहिए, इसी से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाए हैं. आरएसएस प्रमुख के मुताबिक नरेंद्र मोदी के व्यवहार में प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया है.


‘गोरक्षा और हिंदुत्व के नाम पर हंगामा करने वालों को आतंकियों से लड़ने कश्मीर भेज देना चाहिए.’

— संजय राउत, शिव सेना सांसद

सांसद संजय राउत ने यह बात पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बयान का बचाव करते हुए कही. मंगलवार को उद्धव ठाकरे ने कहा था कि देश में गोरक्षा के नाम पर ढकोसला चल रहा है. संजय राउत ने अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के दौरान साहस दिखाने वाले बस चालक सलीम की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘सलीम जैसे लोगों को ही गोरक्षा और हिंदुत्व के नाम पर मारा जा रहा है. केंद्र सरकार को इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए.’ सोमवार को अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में सात अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई थी.


‘लिपस्टिक अंडर माई बुरका कोई क्रांतिकारी फिल्म नहीं है.’

— रत्ना पाठक शाह, अभिनेत्री

अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह का यह बयान ‘लिपस्टिक अंडर माई बुरका’ को क्रांतिकारी फिल्म बताए जाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हमारी फिल्म तो महज शुरुआत है. अगर इससे कोई क्रांति होनी है तो बाद में होगी.’ रत्ना पाठक शाह ने आगे कहा, ‘क्रांति एक कदम आगे और पांच कदम पीछे हटना है. ठोकरें खाते और गिरते हुए ही हम कहीं पहुंचेंगे.’ उनके मुताबिक देश में आजादी के बाद पैदा हुई उनकी पीढ़ी ने भूल करते हुए यह मान लिया था कि अब कुछ नहीं करना है, फिर अचानक जातिवाद, संप्रदायवाद और लैंगिक भेदभाव की समस्याएं उठ खड़ी हुईं.


‘खाड़ी देशों के साथ विवाद खत्म करने के लिए अमेरिका कतर की मदद करता रहेगा.’

— रेक्स टिलरसन, अमेरिका के विदेश मंत्री

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का यह बयान कतर के साथ आतंकवादियों की वित्तीय सहायता रोकने संबंधी समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद आया. कतर को अमेरिका के साथ ऐसा समझौता करने वाला दुनिया का पहला देश बताते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया से आतंकवाद को मिटाना अमेरिका का एकमात्र लक्ष्य है. रेक्स टिलरसन ने आगे कहा कि इस समझौते के तहत दोनों देश आने वाले समय में आतंकवादियों की वित्तीय सहायता रोकने और आतंकरोधी अभियान को तेज करने के लिए कदम उठाएंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अपनी जमीन पर आतंकवाद को पनपने न देना सभी क्षेत्रीय देशों की जिम्मेदारी है.