कश्मीर मुद्दे को लेकर चीन के प्रस्ताव को भारत ने खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर को लेकर भारत पाकिस्तान के साथ बात कर सकता है, लेकिन किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है. उनका ये भी कहना था कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा सीमा पार से आने वाला आतंकवाद है.

एक दिन पहले चीन ने कहा था कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाना चाहता है. चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेंग शुआंग का यह भी कहना था कि कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बढ़ता तनाव दोनों देशों ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए नुकसानदायक होगा.

चीन का यह बयान बीते एक महीने से सिक्किम में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी गतिरोध के बीच आया है. भारत ने कहा है कि दोनों देशों के बीच ऐसे विवाद सुलझाने के लिए कूटनीतिक रास्ते मौजूद हैं और उनका इस्तेमाल भी हो रहा है. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने आज एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. इसका मकसद विपक्ष को चीन के साथ जारी मौजूदा सीमा विवाद और इस पर भारत सरकार की कार्रवाई के बारे में बताना है.