देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी सफारी डाइकॉर का उत्पादन बंद कर दिया है. कंपनी के कई डीलरों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि जीएसटी के लागू होने के बाद कंपनी ने उन्हें गाड़ियों की नयी कीमतों की जो सूची दी उसमें सफारी डाइकॉर का नाम शामिल नहीं था. टाटा ने सफारी डाइकॉर को 2007 में एलएक्स 4x2 और ईएक्स 4x2 नाम के दो वेरिएंट्स के साथ बाजार में उतारा था.

1998 में लॉन्च होने के कुछ समय के भीतर ही टाटा सफारी भारतीय ग्राहकों के बीच स्टेटस सिंबल की तरह देखी जाने लगी थी. डाइकॉर मॉडल ने इस गाड़ी की लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए. फिलहाल बाजार में सफारी का स्टॉर्म वेरिएंट उपलब्ध है जिसे अपनी पिछली जेनरेशन की ही तरह खासा पसंद किया जा रहा है.

बीच में ऐसी खबरें भी आई थीं कि टाटा मोटर्स सफारी का उत्पादन पूरी तरह से बंद करने जा रही है और वह अपनी सहयोगी कंपनी लैंडरोवर की एसयूवी डिस्कवरी के प्लेटफॉर्म पर कोई दूसरा एसयूवी लॉन्च करेगी. बताया गया कि इसके लिए कंपनी ने मर्लिन नाम रजिस्टर्ड करवा लिया है. कुछ जानकार डाइकॉर का उत्पादन बंद किए जाने को इसी योजना का हिस्सा बता रहे हैं.

पिछले सात महीनों में टाटा द्वारा बंद की जाने वाली डाइकॉर तीसरी गाड़ी है. दिसंबर-2016 में कंपनी ने अपनी क्रॉसओवर आरिया की बिक्री बंद कर दी थी. हाल ही में टाटा ने लखटकिया कार नैनो का उत्पादन बंद करने की भी घोषणा की है. ताजा खबरों की मानें तो टाटा की हैचबैक इंडिका और सेडान इंडिगो ईसीएस के वेबपेज भी नहीं खुल पा रहे हैं जो इस बात का इशारा है कि कम बिक्री के चलते टाटा अपनी इन कारों का उत्पादन भी जल्द ही बंद कर सकती है. साथ ही सिडान जेस्ट के एक्सएम और एक्सएमएस जैसे ट्रिम लेवल को भी बंद किए जाने की खबर आ रही है.

ऑटोमोबाइल सेक्टर पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे ज्यादा रेंज रखने के बावजूद टाटा पिछले कुछ वर्षों से ग्राहकों को अपनी तरफ लुभाने में नाकाम रही है. उनके मुताबिक इसके लिए कंपनी की कमजोर रणनीतियां और लंबे समय तक गाड़ियों में कोई बदलाव न किया जाना जिम्मेदार है.

लॉन्च होते ही जगुआर की एसयूवी ई-पेस ने विश्व रिकॉर्ड बनाया

टाटा मोटर्स के ब्रिटिश कार ब्रांड और लग्जरी वाहन निर्माता जगुआर ने अपनी नई एसयूवी ई-पेस को वैश्विक बाजार में उतार दिया है. लॉन्च होने के साथ ही जगुआर की इस नयी एसयूवी का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है. जगुआर ने ई-पेस को दुनिया की सबसे लंबी बैरल जंप के साथ लॉन्च किया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. बताया जा रहा है कि कई लग्जरी फीचर्स से लैस ई-पेस जगुआर की सबसे छोटी एसयूवी है. यह एक्सटाइप के बाद कंपनी की पहली ऐसी कार है जिसे फ्रंट व्हील ड्राइव के साथ ब्रिटेन के बाहर ऑस्ट्रेलिया में बनाया गया है. संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भारत के बाजार में यह कार अगले साल के आखिर तक नजर आ सकती है.

जगुआर ई-पेस की बैरल जंप
जगुआर ई-पेस की बैरल जंप

जानकारों की मानें तो कंपनी ने बेहद कम कीमत में स्पोर्टी लुक के साथ ई-पेस को और भी कई खूबियों से नवाज़ा है. ई-पेस का चैसिस रेंजरोवर इवोक और लैंड रोवर डिस्कवरी से लिया गया है. साथ ही इस कार को कस्टमाइज करके 4 व्हील ड्राइव में बदला जा सकता है. गाड़ी का सामान्य दो लीटर क्षमता वाला पेट्रोल इंजन अलग-अलग वेरिएंट में 148 और 177 बीएचपी की अधिकतम पॉवर पैदा करता है. वहीं 247 बीएचपी और 297 बीएचपी की पॉवर उत्पन्न करने वाले पेट्रोल टर्बो इंजन के साथ यह कार महज 5.9 सेकंड के अंतराल में 0 से 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है.

गाड़ी के लुक की बात करें तो एलईडी हेडलैंप, एलईडी टेल लैंप और चिकन ग्राफिक्स गाड़ी के स्पोर्टी लुक में जान डालते हैं. वहीं इंटीरियर्स और फीचर्स के मामले में 10.2 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, राइजिंग रोटरी गियर की जगह इस्तेमाल किया गया स्पोर्ट्स स्टिक शिफ्टर और 4जी वाई-फाई हॉटस्पॉट जैसी खूबियां इसे खास बनाती हैं. ब्रिटेन में जगुआर ई-पेस की कीमत 28,500 पाउंड यानी 23.77 लाख रुपए है. हालांकि जानकारों का कहना है कि भारत में यह कार इससे ज्यादा कीमत में उतारी जाएगी. यहां इसकी टक्कर बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी कंपनियों की कारों से होगी जो बाजार में अरसे से जमी हुई हैं.

स्कोडा की ऑक्टेविया फेसलिफ्ट

चेक ऑटोमोबाइल कंपनी स्कोडा ने अपनी लोकप्रिय सिडान ऑक्टेविया का फेसलिफ्ट वर्जन इस गुरुवार को भारत में लॉन्च कर दिया है. ऑक्टेविया को हमेशा से स्कोडा की बेस्टसेलर कार माना जाता रहा है जिसके सहारे कंपनी भारत में पैर जमा पायी थी. हालांकि नयी ऑक्टेविया दिखने में काफी हद तक अपने पुराने वेरिएंट जैसी ही होगी, फिर भी स्कोडा ने इस कार में पुरानी ऑक्टेविया के मुकाबले कई बड़े अपडेट्स किए हैं जो आपको खासा आकर्षित कर सकते हैं.

स्कोडा ऑक्टेविया
स्कोडा ऑक्टेविया

नयी ऑक्टेविया को दो पेट्रोल और एक डीज़ल इंजन के विकल्प के साथ बाजार में उतारा गया है. 1.8 लीटर क्षमता से लैस टीएसआई पेट्रोल इंजन 178 बीएचपी की अधिकतम पॉवर उत्पन्न करता है तो वहीं 1.4 लीटर क्षमता का टीएसआई पेट्रोल इंजन 147 बीएचपी की अधिकतम पॉवर पैदा करता है. डीज़ल वेरिएंट में कंपनी ने 2.0 लीटर क्षमता का इंजन दिया है जो इस कार को 147 बीएचपी की अधिकतम ताकत देगा.

लुक्स के हिसाब से देखें तो नए हेड लैंप, फॉग लैंप, नए बंपर और ग्रिल कार को बिल्कुल नया फील देते हैं. वहीं 16 इंच के अलॉय व्हील्स ऑक्टेविया को किसी स्पोर्टी सिडान सरीखा बनाते हैं. रीयर लुक की बात करें तो एलईडी के साथ नए टेल लैंप इसे एक फ्रेश लुक देते हैं. इंटिरियर्स के लिहाज से नयी ऑक्टेविया में एप्पल कार प्ले, एंड्रॉइड ऑटो और मिरर लिंक और कैपेसिटिव टच फीचर वाला टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है. नयी ऑक्टेविया में स्कोडा ने सेफ्टी का भी खासा ख्याल रखा है. उसने ऑक्टेविया के हाई एंड वेरिएंट को 8 एयरबैग्स और स्टैंडर्ड को 4 एयरबैग्स, एबीएस, ईबीडी और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स से नवाजा है.

भारत में अलग-अलग वेरिएंट के लिए स्कोडा ने ऑक्टेविया की कीमत 15,49,405 रुपए से लेकर 22,89,573 रुपए तक तय की है. बताया जा रहा है कि यह नयी कार टोयोटा कोरोला अल्टिस और ह्युंडई एलांट्रा को कड़ी टक्कर दे सकती है.