अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव ने अमेरिका से पाकिस्तान को मिलने वाली रक्षा सहायता के लिए शर्तों को सख्त कर दिया है. इंडिया टुडे के अनुसार शुक्रवार को सदन से पारित 651 अरब डॉलर के नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए) -2018 में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता से जुड़े तीन संशोधनों को जोड़ा गया है. इनके मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर ही पाकिस्तान को आर्थिक सहायता दी जाएगी. सदन ने यह कदम आतंकियों और आतंकी संगठनों को पाकिस्तान से मिलने वाली मदद को देखते हुए उठाया है. हालांकि अमेरिकी अधिकारी और सांसद लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक एनडीएए के तहत एक अक्टूबर 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच पाकिस्तान को अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए 40 करोड़ डॉलर की रकम तय की गई है. इसमें यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को कर्ज पर ब्याज माफी का लाभ तभी मिलेगा, जब रक्षा मंत्री इसकी पुष्टि करेंगे कि पाकिस्तान उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है. इसके अलावा उसे अफगान सरकार से मिलकर अफगान सीमा पर आतंकियों की आवाजाही रोकने के लिए भी कदम उठाने होंगे.

इसके साथ ही सदन ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने से जुड़े संशोधन को एनडीएए शामिल कर लिया है. यह संशोधन भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद एमी बेरा ने पेश किया था. इसे मंजूरी मिलने के बाद बेरा ने कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग बढ़ने से 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने में हमारी क्षमता में इजाफा होगा.’ अब इस कानून को सीनेट (उच्च सदन) के पास भेजा जाएगा और वहां से पारित होने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर होने के साथ यह कानून प्रभाव में आ जाएगा.