भारत में सांप्रदायिक हिंसा आतंकी संगठन अलकायदा की मदद कर सकती है. खबर के मुताबिक अमेरिका स्थित एक थिंक टैंक ने कहा है कि अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप में अपना प्रभाव दोबारा मजबूत करने की कोशिश में है और भारत में समुदायों के बीच आपसी तनाव उसकी इस कोशिश के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. ये बातें अमेरिकन इंटरप्राइज इंस्टीट्यूट की जुड़ी विशेषज्ञ कैथरीन जिमरमैन ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की एक उपसमिति के सामने अलकायदा के खतरे को लेकर कही हैं.

कैथरीन ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) के उभार के बाद अलकायदा ने उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और अरब देशों में खुद को दुबारा संगठित किया है. कैथरीन के मुताबिक, ‘ऐसा लग रहा है कि यह आतंकी संगठन पंजाब के रास्ते भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी पकड़ दोबारा बनाने की कोशिश कर रहा है.’ जिमरमैन का मानना है कि अलकायदा अब केवल पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है बल्कि, यह सीरिया और यमन आदि देशों में भी अपनी पकड़ बना रहा है.