कहा जाता है कि महान गायक तानसेन जब मेघ-मल्हार छेड़ते थे तो आसमान से बारिश होने लगती थी. तानसेन का तो पता नहीं लेकिन एक ऐसे गायक को जरूर हम नीचे दिये वीडियो लिंक के जरिये देख सकते हैं, जिसके गाते ही पानी की नहीं, पैसों की बारिश होने लगती है. कीर्तिदान गढ़वी एक गुजराती लोकगायक हैं जो जब भी गाते हैं, नोट बरसते हैं.

कीर्तिदान सबसे पहले नोटबंदी के दौरान देश भर में तब चर्चा का विषय बने जब उन पर दो-दो हजार के नोटों की बरसात हुई. बीते जून में गोरक्षा के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के लिए हुई ऐसी ही पैसों की बारिश से उन्होंने करीब साढ़े चार करोड़ रुपए इकट्ठे किए. असल में गुजराती समाज कुछ सामाजिक उद्देश्यों के लिए डायरो नाम के समारोह का आयोजन करता है. डायरो में शामिल कलाकारों पर जमकर पैसे बरसाए जाते हैं. हालांकि इस तरह से जो पैसे इकट्ठे होते हैं वे किसी कलाकार को नहीं दिये जाते हैं. वे उस सामाजिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए खर्च किए जाते हैं जिसके लिए डायरो का आयोजन किया जाता है. डायरो में हिस्सा लेने वाले कलाकारों को उनकी फीस दी जाती है.

कीर्तिदान गुजरात के लोकप्रिय सितारों में से एक हैं. डायरो के अलावा डीजे पर शास्त्रीय अंदाज में गाए उनके हिंदी फिल्मों के गाने भी खासे लोकप्रिय हैं. उनके ये गाने हर गरबा उत्सव में धूम मचाते हैं. इसके अलावा उनके कई गुजराती भजन एल्बम भी आ चुके हैं. बेहद प्रतिभाशाली कीर्तिदान संगीतकार सचिन-जिगर के साथ कोक स्टूडियो के लिए भी गा चुके हैं. चूंकि गुजराती समाज देश से बाहर भी काफी संख्या में हैं इसलिए देश-विदेश में भी उनके कंसर्ट होते रहते हैं. इस तरह कीर्तिदान गढ़वी की कीर्ति दुनिया के कई देशों में फैली हुई है.