चीन की धमकी, कहा - पाकिस्तान की मदद के लिए हमारी सेना भी कश्मीर में घुस सकती है | सोमवार,10 जुलाई 2017

सिक्किम में भारत और चीन के बीच बना गतिरोध ख़त्म नहीं हो रहा है. इसके साथ ही चीन की ओर से लगातार भारत को डराने-धमकाने की कोशिशें भी जारी हैं. इसी सिलसिले में सोमवार को उसकी ओर से धमकी दी गई कि अगर भारतीय सैनिक सिक्किम के विवादित इलाके से नहीं हटे तो चीनी सेना भी पाकिस्तान की मदद के लिए कश्मीर में घुस सकती है.

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में यह चेतावनी दी गई है. चीन के वैचारिक संगठन- सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज एट चाइना वेस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी के विश्लेषक लोंग ज़िंगचुन ने यह लेख लिखा है. इसमें उन्होंने कहा, ‘अगर भूटान ने भारत से उसकी सीमाओं की रक्षा करने का आग्रह किया भी था तो वह सिर्फ उसके स्थापित अधिकार क्षेत्र तक के लिए था. किसी विवादित क्षेत्र के लिए नहीं. वरना भारतीय तर्क के हिसाब से अगर पाकिस्तानी सरकार ऐसी ही मदद का आग्रह करे तो किसी तीसरे देश की सेना भारत-पाकिस्तान के विवादित क्षेत्र में भी घुस सकती है. यह क्षेत्र भारत के अधिकार वाला कश्मीर भी हो सकता है.’

ख़बर के मुताबिक चीन की सरकार के मुखपत्र समझे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स में पहली बार सिक्किम विवाद के सिलसिले में कश्मीर को सीधे तौर पर घसीटा गया है. इस लेख में कहा गया है, ‘भारतीय सेना ने भूटान की मदद के बहाने डोकलम पर हमला किया है. बल्कि भारत के इस हमले का इरादा भूटान का भी भारतीय हितों के मुताबिक इस्तेमाल करने का है. भारत का हमला उसके अपने रणनीतिक फैसलों पर आधारित है. साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का भी खुला उल्लंघन है.’

मलाबार युद्धाभ्यास चीन के लिए संदेश है कि हम सब साथ हैं : अमेरिका | मंगलवार, 11 जुलाई 2017

अमेरिका, भारत और जापान की नौसेनाओं के बीच सोमवार से बंगाल की खाड़ी में मलाबार (2017) युद्धाभ्यास शुरू हुआ. इसके एक दिन बाद ही मंगलवार को अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर रियर एडमिरल विलियम डि बिर्नी ने भारत के साथ टकराव के लिए तैयार चीन को चेतावनी भरा संकेत भी दे दिया. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बिर्नी ने कहा है, ‘हम पहले से ज्यादा बेहतर तरीके से एक-दूसरे के साथ हैं. यहां हमारी नौसेनाअों का एक साथ होना यही संदेश देता है.’

अख़बार के मताबिक बिर्नी यूएस स्ट्राइक ग्रुप-11 के कमांडर हैं. उन्होंने कहा, ‘तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच इस युद्धाभ्यास का मक़सद यह भी है कि अगर किसी ने हमारा आकलन करने में कोई ग़लती की हो तो वह दूर हो जाए.’ तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच युद्धाभ्यास का यह 21वां संस्करण है. इस बार यह उस वक़्त हो रहा है जब सिक्किम में डोका ला (डोकलम) के मुद्दे पर भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने खड़े हैं. भूटान के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके डोका ला में चीन सड़क बनाना चाहता है, लेकिन भूटान सरकार के आग्रह के बाद भारतीय सेना ने चीन को रोक रखा है. इससे सीमा पर तनाव बना हुआ है.

पाकिस्तान : भ्रष्टाचार के मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ घिरे, पद छोड़ने का दबाव बढ़ा | बुधवार, 12 जुलाई 2017

पाकिस्तान में पनामा पेपर्स लीक मामले को लेकर संयुक्त जांच दल (जेआईटी) की रिपोर्ट आने के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया है. जेआईटी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है. मीडिया में लीक हो चुकी इस रिपोर्ट में नवाज शरीफ और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है. इसके साथ ही जेआईटी ने उनके बेटों पर बेनामी आय छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने का भी आरोप लगाया है. इस मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विपक्ष ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा है कि नवाज शरीफ के पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ताजा हालात में प्रधानमंत्री शरीफ की स्थिति अप्रत्याशित रूप से कमजोर पड़ चुकी है और इसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है. हालांकि, नवाज शरीफ के सहयोगियों ने सभी आरोपों को खारिज किया है. रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा ने जेआईटी की रिपोर्ट को ‘कचरा’ और ‘खामियों से भरा’ बताया है.

रिश्वत लेने के जुर्म में ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा को साढ़े नौ साल की कैद | गुरुवार, 13 जुलाई 2017

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए वहां की अदालत ने नौ साल और छह महीने जेल की सजा सुनाई है. इससे पहले उन्होंने अदालत के सामने करीब एक करोड़ डॉलर और एक अपार्टमेंट रिश्वत के रूप में लेने की बात मानी थी.

अदालत ने हालांकि 71 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को फैसले के खिलाफ अपील करने की छूट दे दी. इस पर उनके वकील ने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ जरूर अपील करेंगे. जानकारों के अनुसार इस फैसले से ब्राजील के नेताओं को भ्रष्टाचार के मोर्चे पर साफ संदेश जाएगा. वहां की मौजूदा राष्ट्रपति मिशेल टेमर और उनके कई मंत्रियों पर भी रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं. इन्हीं आरोपों के चलते वहां के कई मंत्रियों को इस्तीफा तक देना पड़ा है.

लूला डा सिल्वा 2003 से 2010 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे हैं. वे ब्राजील के साथ अन्य लैटिन अमेरिकी देशों में वामपंथी राजनीति के चेहरे के रूप में काफी लोकप्रिय रहे हैं. लेकिन इस फैसले से सत्ता में वापसी के उनके प्रयासों को करारा झटका लगा है. ब्राजील में अगले साल अक्टूबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं.

रूस ने मास्को में अमेरिकी परिसरों पर पाबंदी लगाने की चेतावनी दी | शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

रूस और अमेरिका के बीच पिछले साल से जारी राजनयिक विवाद एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका में उसके दो मनोरंजन केंद्रों से पाबंदी को नहीं हटाई गई तो वह भी इसके जवाब में मास्को में कुछ अमेरिकी परिसरों पर पाबंदी लगा देगा. पिछले हफ्ते जर्मनी के हैम्बर्ग में जी-20 सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस मुद्दे पर चर्चा बेनतीजा रही थी.

रूस की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब सोमवार को रूसी उप विदेश मंत्री सर्जेई रयादकोव और अमेरिकी उप विदेश मंत्री टॉम शैनन की मुलाकात होने जा रही है. पिछले महीने यूक्रेन को लेकर ट्रंप प्रशासन के नए प्रतिबंधों के जवाब में रूस ने इस बैठक को रद्द कर दिया था. इस मुद्दे पर रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा है, ‘रूस को उम्मीद है कि टॉम शैनन अमेरिका में रूसी संपत्ति से पाबंदी हटाने सहित विवाद की स्थिति को खत्म करने के लिए सुझाव पेश करेंगे.’

आतंकवाद को लेकर अमेरिका पाकिस्तान पर और सख्त हुआ, आर्थिक सहायता के लिए कड़ी शर्तें रखीं | शनिवार, 15 जुलाई 2017

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रिजेंटेटिव ने अमेरिका से पाकिस्तान को मिलने वाली रक्षा सहायता के लिए शर्तों को सख्त कर दिया है. इंडिया टुडे के अनुसारशुक्रवार को सदन से पारित 651 अरब डॉलर के नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए) -2018 में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता से जुड़े तीन संशोधनों को जोड़ा गया है. इनके मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर ही पाकिस्तान को आर्थिक सहायता दी जाएगी. सदन ने यह कदम आतंकियों और आतंकी संगठनों को पाकिस्तान से मिलने वाली मदद को देखते हुए उठाया है. हालांकि अमेरिकी अधिकारी और सांसद लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक एनडीएए के तहत एक अक्टूबर 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच पाकिस्तान को अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए 40 करोड़ डॉलर की रकम तय की गई है. इसमें यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को कर्ज पर ब्याज माफी का लाभ तभी मिलेगा, जब रक्षा मंत्री इसकी पुष्टि करेंगे कि पाकिस्तान उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है. इसके अलावा उसे अफगान सरकार से मिलकर अफगान सीमा पर आतंकियों की आवाजाही रोकने के लिए भी कदम उठाने होंगे.