देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत अब गुलदस्ता (बुके) देकर नहीं किया जाएगा. इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है. सभी राज्यों के लिए जारी इस आदेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के स्वागत में एक फूल, कोई किताब या खादी का रुमाल भेंट किया जाए तो बेहतर होगा.

गृह मंत्रालय ने इस बारे में एक पत्र सभी राज्यों के मुख्य सचिव और केंद्र शासित राज्यों के प्रशासकों को भेजा है. इसमें कहा गया है कि सभी राज्यों को संबंधित अंगों को इस बारे में जागरुक करना चाहिए ताकि इस आदेश का सख्ती से पालन किया जा सके.

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ महीने पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस बारे में अपनी राय व्यक्त की थी. उन्होंने कहा था कि यदि मुझे गुलदस्ता भेंट किया जाए तो मैं उसे खारिज नहीं कर सकता लेकिन बेहतर होगा कि उन्हें इसके बजाय उपयोगी चीजें मसलन पुस्तक या खादी की रुमाल भेंट किया जाए. उन्होंने आगे कहा था कि स्वागत में मिले गुलदस्ते को कुछ दिनों बाद कूड़े में फेंकना पड़ता है. प्रधानमंत्री का कहना था, ‘हम यदि खादी का रुमाल भेंट करेंगे तो इससे गरीब शिल्पकारों को मदद मिलेगी. वहीं किताब भेंट करने से लोगों की पढ़ाई में दिलचस्पी बढ़ेगी.’ उन्होंने यह भी कहना था कि ज्ञान से बड़ी कोई ताकत नहीं होती और पढ़ने से ज्यादा आनंददायक कोई और काम नहीं है.