अब जल्द ही लोग सोशल मैसेजिंग एप वाट्सएप के जरिये पैसों का लेनदेन कर सकेंगे. भारत सरकार ने वाट्सएप को देश में डिजिटल पेमेंट सर्विस शुरू करने की मंजूरी दे दी है. खबरों के अनुसार नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने वाट्सएप को बैंकों से साझेदारी कर यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये डिजिटल पेमेंट की अनुमति दी है.

यूपीआई को एनपीसीआई द्वारा लांच किया गया था. यह एक मोबाइल एप है जिसके जरिये तेजी से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्राहक किसी एक बैंक के यूपीआई एप के माध्यम से अपने सभी बैंक खातों को भी चला सकते हैं. खबरों के मुताबिक सरकार से अनुमति के बाद वाट्सएप ने कई बैंकों के साथ साझेदारी को लेकर बातचीत शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि कंपनी अपने पेमेंट सिस्टम की शुरुआत इस साल के अंत तक कर सकती है.

वाट्सएप से पहले सोशल मैसेजिंग एप हाइक डिजिटल पेमेंट ट्रांसफर की शुरुआत कर चुका है. इसके अलावा अमेरिकी तकनीकी कंपनी गूगल ने भी अपने यूपीआई पेमेंट सिस्टम का परीक्षण कर लिया है. हालांकि, एनपीसीआई से जुड़े अधिकारियों के के मुताबिक गूगल को अभी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से मंजूरी नहीं मिली है.

दिल्ली में शौचालय का पता अब गूगल मैप बताएगा

दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) और गूगल ने मिलकर दिल्ली में एक बेहद जरूरी सुविधा शुरू की है. इसके तहत अब दिल्ली में लोग गूगल मैप की मदद से सार्वजनिक शौचालय का पता लगा सकेंगे. गूगल के मुताबिक इसके लिए लोगों को गूगल मैप में केवल ‘टॉयलेट’ लिखकर सर्च करना होगा. इसके बाद गूगल मैप उन्हें आसपास मौजूद सभी टॉयलेटों का पता बता देगा.

एनडीएमसी के चेयरमैन नरेश कुमार ने मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘ये कदम दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और सार्वजनिक जगहों को शौचमुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है. अब लोग शौचालयों को आसानी से ढूंढ सकेंगे.’ एनडीएमसी के मुताबिक पिछले हफ्ते लांच किए गए इस नए फीचर में अभी दिल्ली के 331 सार्वजनिक शौचालयों को जोड़ा गया है और जल्द ही अन्य शौचालयों को भी ऐप से जोड़ा जाएगा. विभाग ने जानकारी देते हुए ये भी बताया है कि लोग इन शौचालयों को एनडीएमसी के मोबाइल ऐप ‘एनडीएमसी 311’ के जरिये भी खोज सकते हैं.

जल्द ही केवल कुछ सेकेंड्स में मोबाइल की बैट्री चार्ज हो सकेगी

इस बात पर आप हैरान हो सकते हैं, लेकिन अमेरिकी वैज्ञानिकों ने ऐसा करने में सफलता पाई है. उन्होंने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसकी मदद से कुछ सेकेंड में ही मोबाइल की बैटरी पूर तरह से चार्ज हो जाएगी. खबरों के अनुसार अमेरिका की ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एमएक्सईएनई नामक एक उच्च सुचालक पदार्थ की मदद से विशेष तरह के इलेक्ट्रोड तैयार किए हैं जिनकी मदद से बैटरी को बेहद तेजी से चार्ज किया जा सकता है.

इस शोध से जुड़े प्रोफेसर यूरी गोगोत्सी ने मीडिया को बताया, ‘यह तकनीक कैमरा फ्लैश के समय ऊर्जा के प्रवाह के सिद्धांत पर काम करती है. हमने इस धारणा को गलत साबित किया है कि रासायनिक बैटरियां धीमी होती हैं. हमने एमएक्सईएनई की मदद से सेकेंड के हजारवें हिस्से में बैटरी को चार्ज करके दिखाया है.’ उनके मुताबिक जल्द ही इन इलेक्ट्रोड की मदद से ऐसी बैटरियां बनेंगी जो पलक झपकते ही चार्ज हो जाया करेंगी.