नगा पीपुल्स फ्रंट के नेता और सत्ताधारी डेमोक्रेटिक एलायंस आॅफ नगालैंड (डीएएन) के अध्यक्ष टीआर जेलियांग ने बुधवार को नगालैंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. राज्यपाल पीबी आचार्य ने आज के नाटकीय घटनाक्रम के बाद उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इससे पहले निवर्तमान मुख्यमंत्री शुरहोज़ेली लिज़ित्सू प्रस्तावित विश्वास मत प्रस्ताव के गिर जाने की आशंका के चलते सदन ही नहीं पहुंचे. इसके बाद राज्यपाल ने जेलियांग के दावे के आधार पर उन्हें नया मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया.

राजभवन में आयोजित आज का शपथ ग्रहण समारोह बेहद संक्षिप्त रहा क्योंकि मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य मंत्री को शपथ नहीं दिलाई गई. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को तीन दिनों के भीतर यानी 22 जुलाई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है. वैसे नवनियुक्त मुख्यमंत्री का दावा है कि उन्हें 59 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायकों का समर्थन हासिल है. उन्होंने एनपीएफ के विधायकों के अलावा चार भाजपा और सात निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया है. वैसे बीती फरवरी तक जेलियांग ही राज्य के मुख्यमंत्री थे. लेकिन शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के मसले पर विवाद की स्थिति बन जाने से उन्हें पद छोड़ना पड़ा था.

नगालैंड की सत्ता में यह बदलाव एनपीएफ में बगावत के बाद हुआ. इसके बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट ने मंगलवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री लिज़ित्सू की याचिका खारिज करते हुए राज्यपाल को निर्देश दिया कि वे मुख्यमंत्री से विश्वास मत साबित करने को कहें. राज्यपाल ने तब विधानसभा अध्यक्ष इम्तिवापांग से बुधवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आदेश दिया था. लेकिन आज लिज़ित्सु के विधानसभा न पहुंचने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी गैर-हाजिरी की रिपोर्ट राज्यपाल को भेज दी.