बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को आरोप पत्र दाखिल कर दिया. राजेश अग्रवाल पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में लिप्त होने का आरोप है.

ईडी ने राजेश अग्रवाल को मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार द्वारा चलाई जा रही फर्जी कंपनी के नाम पर 60 लाख रुपये की एंट्री दिखाने के आरोप में मार्च में गिरफ्तार किया था. उसके बाद इस मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने के बाद ईडी ने कई और संदिग्ध लोगों और कंपनियों की जांच करनी शुरू की. इन सब पर आरोप था कि इन्होंने बिचौलियों के जरिए प्राप्त काले धन को लाभ पाने वालों के खाते में शेयर से हुई आमदनी के रूप में दिखाया.

इससे पहले आठ जुलाई को ईडी ने मीसा भारती, उनके पति और उनकी कंपनी मिशेल प्रिंटर्स ऐंड पैकर्स से संबंधित दिल्ली के तीन फार्महाउसों पर छापेमारी की थी. इनकी कंपनी पर मनी लॉन्डरिंग में लिप्त होने के संदेह में नजर रखी जा रही थी. इसके बाद ईडी ने इस मामले पर मीसा और शैलेश दोनों से लंबी पूछताछ की. उनसे राजेश अग्रवाल से संबंधों के बारे में भी सवाल पूछे गए.

इन दोनों से दिल्ली के कारोबारी बंधुओं सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र कुमार जैन से उनके संबंधों के बारे में भी पूछताछ की गई थी. जैन बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने 90 मुखौटा कंपनियों के जरिए करीब 8,000 करोड़ रुपये के कालेधन को सफेद बनाया. इस आरोप में उन्हें बाद में गिरफ्तार भी किया गया.