‘गोरक्षा के नाम पर लोगों के साथ मारपीट और हत्या करना आजकल फैशन बन गया है.’

— रामदास अठावले, केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री

रामदास अठावले का यह बयान गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.’ रामदास अठावले ने आगे कहा कि लोगों को गोमांस छोड़कर दूसरे जानवरों का मांस खाना चाहिए, क्योंकि गाय हिंदू समुदाय की भावनाओं से जुड़ी है. हालांकि इससे पहले रामदास अठावले यह भी कह चुके हैं कि बीफ खाना सभी का अधिकार है.

‘ममता बनर्जी का मोदी जी को सत्ता से बाहर करने का दिवास्वप्न कभी पूरा नहीं होगा.’

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री

प्रकाश जावड़ेकर का यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 2019 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील पर आया. उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी का एकमात्र एजेंडा भाजपा और मोदी के खिलाफ बयान देना है. दरअसल पश्चिम बंगाल में भाजपा के बढ़ते जनाधार को देखकर वे परेशान हैं.’ प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी देश के गरीबों और सभी वर्गों से जुड़े हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा लगातार मजबूत हो रही है.


‘नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों से अब नकदी में लेन-देन मुश्किल हो गया है.’

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का यह बयान नोटबंदी और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के लाभ गिनाते हुए आया. दिल्ली इकॉनॉमिक्स कॉन्क्लेव में शनिवार को उन्होंने कहा कि केंद सरकार ने देश के बाहर और भीतर मौजूद काले धन पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून बनाए हैं और फर्जी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है. अरुण जेटली ने आगे कहा कि देश में कर चोरी और बैंकिंग व्यवस्था के बाहर के लेन-देन को रोकना बड़ी चुनौती थी, लेकिन डिजिटाइजेशन के जरिए इसमें बड़ी सफलता मिली है. केंद्रीय वित्त मंत्री के मुताबिक डिजिटाइजेशन बढ़ने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की वसूली का दायरा बढ़ा है.


‘इस्लामिक स्टेट को अमेरिका ने बनाया था.’

— नूर अल मलिकी, इराक के उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति नूल अल मलिकी का यह बयान अमेरिका पर मोसुल में इस्लामिक स्टेट (आईएस) पर जीत का जबरदस्ती श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘यह सही है कि अमेरिकी सेना ने हवाई हमले के जरिए मदद की है. लेकिन, मोसुल में जीत का असली श्रेय इराकी सैनिकों, जन मिलिशिया और इराकी वायु सेना को जाता है.’ नूल अल मलिकी ने आगे कहा कि अमेरिका इराक में सैनिक अड्डा बनाना चाहता है ताकि इस क्षेत्र में अपने प्रभाव को कायम रख सके. इराक के उपराष्ट्रपति का कहना था कि मोसुल में आईएस के खिलाफ इराकी सैनिकों की जीत मुकम्मल नहीं है, क्योंकि अभी भी शहर में आतंकियों के छोटे-छोटे गढ़ मौजूद हैं.


‘मेरा मानना है कि बगदादी अभी जिंदा है.’

— जेम्स मैटिस, अमेरिका रक्षा मंत्री

अमेरिकी रक्षा मंत्री का यह बयान आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सरगना अबु बकर अल-बगदादी की मौत के दावों को गलत बताते हुए आया. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस बात को तभी मानेगा जब वह खुद बगदादी को मारेगा. पेंटागन के अधिकारियों के विपरीत जेम्स मैटिस ने कहा कि बगदादी आईएस के रोजाना के कामकाज को तय कर रहा है. वहीं, अफगानिस्तान में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी अफगान नीति की समीक्षा का काम पूरा नहीं हो पाया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री का यह भी कहना था कि अफगानिस्तान में अतिरिक्त सैनिकों को भेजने के मामले में राष्ट्रपति के अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.