पूरे विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहली बार विश्वकप जीतने का सपना टूट गया है. लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए महिला विश्वकप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को नौ रन से हरा दिया. भारतीय टीम इंग्लैंड द्वारा दिए गए 228 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 48.4 ओवर में 219 रन बनाकर आलआउट हो गई.

इससे पहले इस अहम मुकाबले में इंग्लैंड की कप्तान हीथर नाईट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज लौरेन विनफील्ड और टेमी बेमोंट ने टीम को एक सधी हुई शुरुआत दी. इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी की. लेकिन, 12वें ओवर में विनफील्ड के आउट होने के बाद इंग्लैंड ने 15 रन के अंदर तीन विकेट खो दिए. हालांकि, इसके बाद अनुभवी विकेट कीपर बल्लेबाज सारा टेलर और नताली स्कीवर ने मिलकर टीम के स्कोर को 146 तक पहुंचाया.

इन दोनों की साझेदारी खतरनाक साबित होती, उससे पहले ही अनुभवी झूलन गोस्वामी ने सारा को विकेट के पीछे उषा वर्मा के हाथों कैच करवा दिया. सारा के बाद आई फेरन विल्सन को भी झूलन ने अगली ही गेंद पर पैवेलियन भेज दिया है. पांच ओवर के अंदर तीन सबसे प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर झूलन गोस्वामी ने इंग्लिश बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. इससे दवाब में आई इंग्लैंड की टीम कुछ ख़ास नहीं कर सकी और निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर केवल 228 रन ही बना सकी.

भारत की ओर से इस सबसे अहम मुकाबले में अनुभवी झूलन गोस्वामी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि, स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने एक और पूनम यादव ने दो बल्लेबाजों को आउट किया.

इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. एक बार फिर उसकी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना पारी के दूसरे ही ओवर में अपना विकेट गंवा बैठीं. हालांकि, इसके बाद कप्तान मिताली राज और पूनम राउत ने कुछ देर पारी को संभाला, लेकिन, 12वें ओवर में मिताली दुर्भाग्य पूर्ण तरीके से रन आउट हो गईं.

मिताली के जाने के बाद पिछले मैच में शानदार 171 रन की पारी खेलने वाली हरमन प्रीत कौर पारी को आगे बढाने उतरीं. उन्होंने एक बार फिर मुश्किल समय में पूनम राउत के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 138 पहुंचा दिया. हालांकि, उनके 51 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट होने के बाद आई वेदा कृष्णमूर्ति ने भी राउत के साथ 53 रन जोड़े. लेकिन, 43वें ओवर में पूनम (86 रन) और 45वें ओवर में वेदा (35 रन) के आउट होने के बाद बने दबाव के आगे कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं टिक सकी और पूरी पारी 48.4 ओवर में 219 रन पर सिमट गई.

भारतीय टीम किस कदर दवाब में आ गई, इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि 42वें ओवर में टीम का स्कोर 191 रन था और सात विकेट उसके हाथ में थे. लेकिन, इसके बाद 28 रन के अंदर उसने अपने सभी विकेट खो दिए. हालांकि, इसका श्रेय इंग्लैंड की तेज गेंदबाज अन्या श्रुब्सोले को भी जाता है जिन्होंने छह विकेट लेकर अपनी टीम को इस अहम मुकाबले में मुश्किल घड़ी से निकाला. उन्हें अपने इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.