सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. सोमवार को चीन ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए युद्ध से भी पीछे नहीं हटेगा. इस खबर को आज के अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘पहाड़ को हिलाया जा सकता है, लेकिन चीनी सेना को नहीं हिलाया जा सकता.’ इसके अलावा छह कांग्रेसी सांसदों पर पांच दिन तक लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पर रोक और एनआईए द्वारा आतंकी फंडिंग मामले में सात अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी की खबरें भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हैं.

जीएसटी का फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के तीन हफ्ते बाद भी कीमतों में कमी का फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा है. हिन्दुस्तान की एक एक्सक्लूसिव खबर के मुताबिक चुनिंदा कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर ने वस्तुओं पर संशोधित कीमत का स्टीकर नहीं लगाया है. उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि कर कम होने से कीमतों में कोई कमी नहीं आई है बल्कि चीनी, खाद्य तेल और चाय की पत्ती की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साथ ही मिनरल वॉटर, दही, साबुन, टूथपेस्ट और गेहूं के आटे के दाम पहले जैसे ही हैं. बताया जाता है कि बीते तीन हफ्तों में उपभोक्ता मंत्रालय को कीमतों से जुड़ी 132 शिकायतें मिली हैं.

गंगा कोई टेम्स या राइन नदी नहीं है जो एक बार साफ होने पर हमेशा के लिए साफ रहेगी : उमा भारती

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा है कि गंगा कोई टेम्स या राइन नदी नहीं है जो एक बार साफ होने पर हमेशा के लिए साफ रहेगी. उन्होंने इसकी वजह गंगा में रोजाना 20 लाख और एक साल में 60 करोड़ लोगों का डुबकी लगाना बताया है. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक उमा भारती ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं. उन्होंने दावा कि नमामि गंगे परियोजना के नतीजे साल 2018 में आने शुरू हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने सदन को बताया कि सरकार गंगा नदी संरक्षण को गति देने और इसके रास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रही है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से हत्या के लिए मवेशियों के खरीद-फरोख्त पर रोक से जुड़ी अधिसूचना में संशोधन से संबंधित रिपोर्ट सौंपने के लिए और वक्त मांगा

केंद्र सरकार ने सोमवार को हत्या के लिए मवेशियों के खरीद-फरोख्त पर रोक से जुड़ी अधिसूचना में संशोधन से संबंधित रिपोर्ट सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट से और वक्त की मांग की है. द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र ने शीर्ष अदालत को बताया है कि सभी मामलों पर समग्रता से विचार किया जा रहा है. केंद्र की ओर से अदालत में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा ने बताया कि नई अधिसूचना अगस्त, 2017 में जारी की जा सकती है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से रिपोर्ट तलब की थी. इस याचिका में शीर्ष अदालत से अधिसूचना के बारे में स्थिति साफ करने के लिए कहा गया था. शीर्ष अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख चार अगस्त तय की है.

केंद्र सरकार दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत का पैकेज लाने की तैयारी में है

केंद्र सरकार वित्तीय दबाव का सामना कर रहे दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत पैकेज लाने की तैयारी में है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसे पहली खबर के रूप में जगह दी है. अखबार के मुताबिक सरकार ने इस क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करने के लिए एक अंतरमंत्रालय समूह बनाया था. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बीते हफ्ते इस समूह की रिपोर्ट की समीक्षा की. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि समूह ने दूरसंचार कंपनियों को राहत के लिए ब्याज दरों में कटौती सहित कई उपायों पर विचार किया. हालांकि, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) और जीएसटी में कटौती की कंपनियों की मांग पर समूह सहमत नहीं था. बताया जाता है कि दूरसंचार कंपनियों पर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है.

आज का कार्टून

नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में सेना का एक युद्धक टैंक स्थापित करने की मांग पर द एशियन एज में प्रकाशित आज का कार्टून :