भारत में फ्री वाई-फाई पिछले दो-तीन सालों से काफी चर्चा में है. यहां तक कि चुनावों में भी यह एक बड़ा मुद्दा बन बनता रहा है. लेकिन, बीते हफ्ते इससे जुड़ा एक ऐसा तथ्य सामने आया है जो किसी को भी चौंका देगा. साइबर सुरक्षा से जुडी कंपनी नॉर्टन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में फ्री वाईफाई मिलने पर करीब 33 फीसदी से भी ज्यादा यूजर एडल्ट साइट पर विजिट करते हैं.
नॉर्टन के मुताबिक उसने यह सर्वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया था जिसमें भारत से करीब 1000 इंटरनेट यूजर्स को शामिल किया गया था. इस सर्वे में हर तीन में से एक से ज्यादा भारतीय इंटरनेट यूजर ने स्वीकार किया कि वह फ्री वाईफाई मिलने पर पोर्न फ़िल्में या एडल्ट कंटेंट देखना पसंद करता है.
नॉर्टन के अनुसार भारत के लोग इस मामले में औरों से काफी आगे हैं. वैश्विक स्तर पर हर छह में से एक यूजर ही फ्री वाईफाई मिलने पर एडल्ट साइट पर विजिट करता है. इससे पहले 2016 में पोर्नहब नामक वेबसाइट ने भी अपने यूजर डेटा का हवाला देते हुए बताया था कि भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा पोर्न फ़िल्में देखी जाती हैं.
हालांकि, नॉर्टन ने साफ़ किया है कि उसने यह सर्वे इस तरह के किसी खुलासे के उद्देश्य से नहीं किया था. उसके अनुसार इसका मकसद यह पता लगाना था कि दुनिया भर में लोग साइबर सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर हैं. कंपनी का यह भी कहना है कि फ्री वाई-फाई के जरिये किसी भी यूजर की साइबर सुरक्षा में सेंध लगाना सबसे आसान होता है और ऐसी स्थिति में भी भारतीय पोर्न वेबसाइटों पर विजिट करना पसंद करते हैं जो साइबर सुरक्षा के लिहाज से सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं.
डेंगू खत्म करने के लिए गूगल 20 करोड़ मच्छर छोड़ेगा
गूगल की मातृ यानी पेरेंट कंपनी अल्फाबेट ने अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की आबादी कम करने की योजना तैयार की है. इस योजना के तहत कृत्रिम वातावरण में पैदा किए गए करीब दो करोड़ ऐसे मच्छर छोड़े छोड़े जायेंगे जो मच्छरों की आबादी बढ़ने से रोकेंगे. बताया जाता है कि यह नर मच्छर जब प्रकृति में मौजूद मादा मच्छरों से संसर्ग करेंगे तो उसके बाद मादा मच्छर जो अंडे देंगी, उनसे बच्चे विकसित नहीं होंगे.
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही इस योजना के पहले चरण में कैलिफोर्निया के फ्रेस्नो काउंटी में लाखों की संख्या में नर मच्छर छोड़े जाएंगे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जो नर मच्छर छोड़े जाएंगे वे वॉल्बकिया नामक वैक्टीरिया से संक्रमित किए जाएंगे. ऐसे में इंसानों को इनसे किसी तरह का खतरा नहीं होगा.
वॉल्बकिया एक ऐसा बैक्टीरिया है जिससे डेंगू जैसे कई खतरनाक वायरसों की रोकथाम संभव है. यह बैक्टीरिया कीट-पतंगों और फ्रूट फ्लाइज की करीब 60 प्रतिशत प्रजातियों के साथ-साथ कई तरह के मच्छरों में भी प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है.
जिओ ने कालेजों में फ्री वाई-फाई देने के लिए सरकार से अनुमति मांगी
रिलायंस जिओ फ्री में मोबाइल फोन देने के वादे के बाद अब देशभर में कॉलेज छात्रों को फ्री वाई-फाई की सेवा उपलब्ध कराना चाहती है. खबरों के मुताबिक कंपनी ने पिछले महीने इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय अनुमति मांगी है. इस प्रस्ताव में उसने कहा है कि वह मंत्रालय के तहत आने वाले देशभर के करीब 38 हजार कॉलेजों को फ्री वाई-फाई सेवा देना चाहती है.
हालांकि, मंत्रालय से जुड़े कुछ अधिकारियों के मुताबिक अभी इस प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं हुआ है. कुछ अधिकारियों ने इस बारे में मीडिया को बताया है कि मंत्रालय को पहली बार इस तरह का कोई प्रस्ताव मिला है और ऐसे में सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इन लोगों का यह भी कहना है कि रिलायंस ने इस प्रोजेक्ट के लिए कोई पैसा न लेने की बात कही है, लेकिन मंत्रालय ऐसी किसी व्यवस्था को हरी झंडी दिखाने से पहले अन्य कंपनियों को भी बराबरी का मौका देगा. इनके मुताबिक इस प्रस्ताव को टेंडर व्यवस्था के जरिए लाया जाएगा.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी काफी समय से देश के अधिकांश कालेजों में फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है. इसी के तहत हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश के 38 नामी विश्वविद्यालयों में 31 अगस्त तक मुफ्त वाई-फाई देने की बात कही थी.
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