‘नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री हैं.’

— मायावती, बसपा प्रमुख

बसपा प्रमुख मायावती का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बाढ़ प्रभावित गुजरात का हवाई सर्वे करने और पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से सहायता की घोषणा करने पर आया. उन्होंने कहा, ‘कई राज्य बाढ़ से प्रभावित हैं, उन्हें (प्रधानमंत्री मोदी) सबकी बराबर मदद करनी चाहिए.’ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर मायावती ने कहा कि वे जिस तरह राजघाट गए, उसी तरह उन्हें संसद भवन में बीआर अंबेडकर की मूर्ति का दर्शन करने भी जाना चाहिए था. बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि यह केंद्र की एनडीए सरकार के दलित विरोधी होने का सबूत है. रामनाथ कोविंद ने 25 जुलाई को 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है.

लोगों को राष्ट्रगीत गाने के लिए मजबूर करना उनमें देशप्रेम नहीं जगा सकता.’

— शशि थरूर, कांग्रेस के नेता और सांसद

शशि थरूर का यह बयान मद्रास हाई कोर्ट द्वारा तमिलनाडु के स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में राष्ट्रगीत गाना अनिवार्य किए जाने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हम संसद में ऐसा नहीं करते क्योंकि हम जानते हैं कि देशभक्ति की भावना अंदर से आती है.’ शशि थरूर ने आगे कहा कि अगर लोग राष्ट्रगीत गाना चाहते हैं तो उन्हें मौका मिलना चाहिए और अगर नहीं गाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी आजादी मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि एक के बाद एक चीजों को अनिवार्य बनाते जाना गलत है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना और इस दौरान दर्शकों का खड़ा होना अनिवार्य बना दिया था.


‘झूठे वादों और आत्मप्रशंसा से चुनाव जीते जा सकते हैं, युद्ध नहीं.’

— उद्धव ठाकरे, शिव सेना प्रमुख

उद्धव ठाकरे ने यह बात भारतीय सेना के पास पर्याप्त गोला बारूद न होने की रिपोर्ट पर कही. उन्होंने कहा, ‘हम जब चीन से यह कहें कि भारत 1962 की तुलना में आज बिल्कुल अलग है तो मुंह खोलने पहले यह याद रखना होगा कि हमारे पास कितना गोला-बारूद है.’ मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि केंद्र में बीते तीन साल से एक मजबूत सरकार क्या कर रही है. उनका यह भी कहना था कि नोटबंदी के बाद बीते चार महीने में 15-16 लाख लोगों ने रोजगार खोया है और आगे हालात ज्यादा बिगड़ने वाले हैं.


‘राष्ट्रपति को समझना होगा कि अब वे भाजपा के उम्मीदवार नहीं, देश के प्रतिनिधि हैं.’

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

गुलाम नबी आजाद का यह बयान नवनियुक्त राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पहले भाषण में कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के नाम का जिक्र न होने पर आया. उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल के सदस्यों का नाम लिया, लेकिन पहले प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी के रूप में पंडित नेहरू का उन्होंने नाम नहीं लिया.’ गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि यह स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है जिन्होंने देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी थी. इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस हर भाषण में पंडित नेहरू के नाम का जिक्र किए जाने की मांग करके उनके कद को घटाने की कोशिश कर रही है.


‘चीन सीमा पर शांति चाहता है, लेकिन क्षेत्रीय संप्रभुता से कोई समझौता करके नहीं.’

— लू कांग, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

लू कांग का यह बयान सिक्किम सेक्टर में भारत के साथ जारी सीमा विवाद पर आया. उन्होंने कहा कि इस विवाद के लिए पूरी तरह से भारत ही जिम्मेदार है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री विशप की भारत यात्रा के बारे में लू कांग ने कहा कि विशप ने प्रादेशिक विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की बात कही है, जो सही भी है लेकिन यह डोकलाम विवाद पर लागू नहीं होता क्योंकि यह जगह का विवाद नहीं है. उनका यह भी कहना था कि सिक्किम सेक्टर में भारत-चीन की सीमा परिभाषित है और बीते 127 साल से दोनों पक्ष इसे मानते आ रहे थे.