पूर्व राष्ट्रपति मिसाइलमैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की ‘अग्नि’ को अब तमिलनाडु के रामेश्वरम में हर कोई महसूस कर सकेगा. ‘अग्नि’ उनकी यादों की, उनके योगदान की और इसी नाम से बनाई हुई उनकी मिसाइल की भी. यह सभी चीजें रामेश्वरम में बनाए गए ‘कलाम स्मारक’ में रखी गई हैं.

ख़बरों के मुताबिक कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामेश्वरम में ‘कलाम स्मारक’ का उद्घाटन किया. इस स्मारक का निर्माण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है. प्रधानमंत्री ने इस स्मारक में स्थापित की गई डॉक्टर कलाम की प्रतिमा का अनवारण किया. साथ ही राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया. इसके बाद स्मारक स्थल का जायज़ा लिया. डीआरडीओ ने यहां डॉक्टर कलाम द्वारा विकसित लंबी दूरी की मिसाइल ‘अग्नि’ की पूर्णाकार प्रतिकृति भी रखी है. इसके साथ यहां डॉक्टर कलाम से जुड़ी तमाम चीजें भी हैं.

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक इस स्मारक के पहले चरण पर क़रीब 50 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इंडिया टुडे से बातचीत में डॉक्टर कलाम के भाई के पौत्र सलीम ने बताया, ‘अभी स्मारक के पहले चरण का उद्घाटन हुआ है. दूसरे चरण में यहां एक पुस्तकालय, नक्षत्र भवन और सभागार बनाया जा रहा है. दूसरे चरण का काम अगले दो साल में पूरा होने की उम्मीद है.’ उन्होंने भरोसा ज़ताया कि स्मारक स्थल से हरेक को ‘काफी-कुछ सीखने मिलेगा’.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामेश्वरम से ‘कलाम संदेश वाहिनी’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह एक प्रदर्शनी बस है जिसमें कलाम की यादों को संजोया गया है. यह बस देश के विभिन्न राज्यों से होती हुई 15 अक्टूबर को डॉक्टर कलाम के जन्मदिवस पर दिल्ली पहुंचेगी. यहां राष्ट्रपति भवन में इसकी अगवानी की जाएगी. इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या से रामेश्वरम तक चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई.

प्रधानमंत्री रामेश्वर से धनुषकोड़ी के बीच हाल में ही बनाई गई सड़क का उद्घाटन भी करने वाले हैं. यह 1964 के तूफान के दौरान पूरी तरह नष्ट हो गई थी. इससे धनुषकोड़ी का रामेश्वरम से सड़क संपर्क टूट गया था. दिन भर चलने वाले कार्यक्रमों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मंडपम में एक जनसभा को भी संबोधित करने वाले हैं.