अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रांसजेंडर लोगों को सेना में शामिल करने पर रोक लगाने की घोषणा की है. गुरुवार को ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘हमारी सेना को निर्णायक और बड़ी जीत पर ध्यान देना चाहिए. उस पर ट्रांसजेंडरों की वजह से आने वाली चिकित्सा लागत और परेशानियों का बोझ नहीं डाला जा सकता.’ डोनाल्ड ट्रंप ने आगे जानकारी दी है कि इस मुद्दे पर उनकी सेना के जनरलों और रक्षा विशेषज्ञों से चर्चा हुई है और यह तय किया गया है कि अब अमेरिकी सेना में किसी भी स्तर पर ट्रांसजेंडरों को भर्ती नहीं किया जाएगा.

हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इन बातों से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी सेना में अभी जो ट्रांसजेंडर कर्मचारी मौजूद हैं, उन्हें रखा जाएगा या नहीं. एक अनुमान के मुताबिक 13 लाख सक्रिय सदस्यों वाली अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की संख्या 2,500 से 7,000 के बीच है. ट्रंप की इस घोषणा से पहले पिछले महीने अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने सेना में ट्रांसजेंडर लोगों को भर्ती करने की योजना छह महीने के लिए टाल दी थी. उन्होंने सेना के भीतर ट्रांसजेंडर कार्मिकों की पहुंच के दायरे, इनसे सेना की तैयारी और मारक क्षमता पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दों के आधार पर इस योजना की समीक्षा करने की बात कही थी.

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों से जुड़ा विवाद बढ़ा है. इसी साल फरवरी में ट्रंप प्रशासन ने ट्रांसजेंडर छात्रों को अपनी लैंगिक पहचान के आधार पर महिला या पुरुष शौचालय इस्तेमाल करने की सुविधा देने वाले संघीय निर्देश रद्द कर दिए थे. पुरानी व्यवस्था के मुताबिक छात्रों को अपने जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज लैंगिक पहचान के आधार पर ही शौचालयों को इस्तेमाल करने की अनुमति है.