राजस्थान के जालौर और सिरोही जिले में भारी बरसात के चलते आई बाढ़ में अब तक 800 से ज्यादा गायों के डूबकर मरने की खबर है. सबसे ज्यादा मौतें पथमेड़ा ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही गोशालाओं में हुई है. यह ट्रस्ट राज्यभर में 10 गोशालाएं चलाता है, जिनमें 50 हजार से ज्यादा गायें पाली जाती हैं.
टाइम्स आॅफ इंडिया के अनुसार बुधवार को जहां 547 गायों के मरने की खबर थी, वहीं गुरुवार को करीब 200 गायों की मौत हुई थी. अखबार के अनुसार अभी कम से कम 4,000 गायें खतरे वाली जगहों पर मौजूद हैं. पथमेड़ा गोशाला की पूनम सिंह राजपुरोहित के अनुसार, इस दर्दनाक घटना की वजह वहां से 10 किलोमीटर दूर स्थित एक बांध का टूटना रही. उन्होंने बताया कि बांध के पानी ने मात्र कुछ मिनटों में इस गोशाला को अपनी चपेट में ले लिया था और यहां आठ फीट तक पानी भर गया था.
इस क्षेत्र की और भी कई गोशालाओं में डूबने से गायों की मौत हुई है. इस मामले पर गोशाला प्रबंधकों का आरोप है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई खास मदद नहीं मिली है. राजपुरोहित ने आरोप लगाया कि जो मदद मिली है वह ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ समान है. उनके मुताबिक इस समय गायों के लिए दवाइयों और पौष्टिक आहार की भारी किल्लत हो चुकी है.
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