राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विवादित इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक को ‘भगोड़ा अपराधी’ घोषित कर दिया है. इससे पहले 19 जुलाई को मुंबई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने नाइक के ख़िलाफ कार्रवाई की थी. उसने नाइक का पासपोर्ट रद्द कर दिया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि आतंकी नेटवर्क और गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद पहुंचाने के सिलसिले में एनआईए को नाइक की तलाश है. उसने इसी मामले में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक नाइक को ‘भगोड़ा अपराधी’ घोषित किया है. अब ज़ल्द ही सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत उसकी संपत्तियां ज़ब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल कुछ आतंकियों ने सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ के दौरान माना था कि उन्होंने ज़ाकिर नाइक की तक़रीरें सुनने के बाद जिहाद के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया था. इस ख़ुलासे के बाद एक जुलाई 1916 को नाइक भारत से फरार हो गया था. केंद्र सरकार ने उसके संगठन को भी ‘ग़ैरकानूनी संगठन’ घोषित कर दिया था. साथ ही मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी.