अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत आने वाले कॉलेजों द्वारा बीते 10 महीनों से लंबित गवर्निंग बॉडी का गठन न किए जाने पर सख्त रूख अपना लिया है. खबर के मुताबिक सरकार ने 28 कॉलेजों की फंडिंग रोक दी है. इनमें से 12 कॉलेज सरकार की फंडिंग पर पूरी तरह निर्भर हैं जबकि बाकी 16 आंशिक तौर पर. इसके अलावा सरकार ने विश्वविद्यालय से यह भी कहा है कि किसी तरह की नियुक्ति से पहले गवर्निंग बॉडी का गठन करना होगा. कॉलेजों में अभी स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘मैं शिक्षा के नाम पर बेलगाम भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को जारी नहीं रख सकता. सितंबर, 2016 के बाद जारी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जानबूझकर और कपटपूर्ण तरीके से गवर्निंग बॉडी के गठन में देरी की जा रही है.’

उधर, कॉलेजों ने दिल्ली सरकार के इस फैसले पर चिंता जताई है. दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज के प्रधानाध्यापक एसके गर्ग का कहना है, ‘कॉलेज सभी तरह के खर्चों के लिए दिल्ली सरकार की फंडिंग पर ही निर्भर है. यदि हमें फंड नहीं मिला तो कॉलेज बंद करना होगा.’ इस बीच, कॉलेजों के डीन देवेश के सिन्हा ने सरकार को पत्र को लिखकर कहा है कि एक-दो हफ्ते के अंदर गवर्निंग बॉडी का गठन कर लिया जाएगा.