‘हिंदुस्तान को लिंचिस्तान नहीं बनने देना चाहिए.’

— मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष

मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा लोगों को पीटकर मार डालने (मॉब लिंचिंग) की घटनाओं पर आया. उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार आने के बाद गोरक्षा के नाम पर हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘वे कहते कुछ हैं और करते कुछ.’ उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदुत्ववादी संगठनों को गोरक्षा के नाम पर हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

‘देश के ज्यादातर मुसलमान हिंदुओं के ही वंशज हैं.’

— हुकुमदेव नारायण यादव, भाजपा सांसद

हुकुमदेव नारायण यादव का यह बयान भीड़ द्वारा लोगों की हत्या (मॉब लिंचिंग) की घटनाओं पर लोकसभा में चर्चा के दौरान आया. इसके लिए केंद्र सरकार पर आरोप लगाने का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें रोकना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है. हुकुमदेव ने आगे कहा, ‘असली मॉब लिंचिंग तो जय श्री राम बोलने वाले से माफी मंगवाना है.’ बीते हफ्ते बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद आलम को जय श्री राम कहने के लिए माफी मांगनी पड़ी थी. धर्म के नाम पर राजनीति का विरोध करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि हिंदुओं और मुस्लिमों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.


‘संविधान संशोधन के जरिए आरक्षण को बढ़ाकर 75 फीसदी कर देना चाहिए.’

— रामदास अठावले, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री

रामदास अठावले का यह बयान सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, बल्कि 25 फीसदी अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए.’ रामदास अठावले ने आगे कहा कि इसमें क्रीमीलेयर की व्यवस्था को लागू करते हुए सामान्य वर्ग के केवल उन्हीं परिवार को लाभ देना चाहिए, जिनकी आय छह लाख रुपये से कम है. इसके साथ केंद्रीय मंत्री ने खेलों में दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देने की मांग रखी. उन्होंने इस बारे में केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल से भी चर्चा करने की बात कही है.


‘भ्रष्टाचार पर लालू की चुप्पी ने महागठबंधन से अलग होने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं छोड़ा था.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार का यह बयान बिहार में महागठबंधन टूटने की वजहों पर चर्चा करते हुए आया. सोमवार को उन्होंने कहा, ‘मैंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर लालू जी से सफाई देने के लिए कहा, इससे जनता में सकारात्मक संदेश जाता और महागठबंधन के लिए भी अच्छा होता. लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया.’ नीतीश कुमार ने आगे कहा कि धर्मनिरपेक्षता को धन कमाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इस बीच जदयू सांसद शरद यादव ने नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. वहीं, लालू प्रसाद यादव ने शरद यादव को भाजपा और नीतीश कुमार के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा बनने की अपील की है.


‘उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम को अमेरिका-चीन व्यापार से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.’

— क्वैन केमिंग, चीन के उप-वाणिज्य मंत्री

क्वैन केमिंग का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की प्रतिक्रिया पर आया. डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर अमेरिका से व्यापारिक लाभ लेने लेकिन उत्तर कोरिया के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है. इस पर क्वैन केमिंग ने कहा, ‘ये दोनों मामले में आपस में नहीं जुड़ते इसलिए इन्हें एक साथ रखकर चर्चा नहीं की जानी चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा कि चीन-अमेरिका का व्यापार एकतरफा नहीं है, बल्कि द्विपक्षीय निवेश और आपसी साझेदारी से दोनों देशों को लाभ होता है. अमेरिका काफी समय से चीन पर उत्तर कोरिया के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बना रहा है. चीन, उत्तर कोरिया का प्रमुख सहयोगी है.