जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. इंडिया टुडे के मुताबिक मंगलवार को तड़के दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के हकरीपोरा गांव में हुई मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के शीर्ष कमांडरों में से एक अबू दुजाना को मार गिराया गया है. उसके ऊपर 10 लाख रुपए का इनाम था.

ग्रेटर कश्मीर के मुताबिक दुजाना के अलावा एक अन्य आतंकी भी मारा गया. उसकी पहचान आरिफ लेलहारी के रूप में हुई है. एक अन्य आतंकी अभी मौके पर सुरक्षा बलों से घिरा हुआ है. उसे ठिकाने लगाने की भी कोशिशें ज़ारी हैं. हालांकि मुठभेड़ स्थल पर आस-पास के गांव के लोगाें के इकट्‌ठे होने की भी ख़बर है. इनका भी सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष चल रहा है. ये मुठभेड़ की कार्रवाई में बाधा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

बताया जाता है कि इससे पहले मई महीने में भी सुरक्षा बलों ने दुजाना को घेर लिया था. लेकिन उस वक्त वह अपने दो अन्य साथियों के साथ किसी तरह भाग निकलने में कामयाब हो गया था. तब भी स्थानीय पत्थरबाज़ इन आतंकियों की ढाल बने थे. उस वक़्त पांचवां मौका था जब दुजाना सुरक्षाबलों की घेरबंदी तोड़कर भागने में सफल हुआ था. हालांकि इस बार किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और उसे मार दिया गया.

दुजाना मूल रूप से पाकिस्तान का निवासी बताया जाता है. वह 2010 में घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर आया था. इसके बाद से वह लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों में न सिर्फ आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है बल्कि उसने दक्षिण कश्मीर में स्थानीय मददग़ारों का बड़ा नेटवर्क भी बना लिया है. वह पहली बार 2014 में पुलवामा के काकपोरा इलाके में एक स्थानीय आतंकी के मारे जाने के बाद उसके जनाज़े में दिखा था. पिछली जुलाई में त्राल इलाके में हिज़्बुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद उसकी अंतिम यात्रा में भी उसे देखा गया था.