सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में अदालत ने दो और आरोपितों को बरी कर दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की मुंबई स्थित विशेष अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा और एमएन दिनेश को बरी कर दिया. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपितों को पर्याप्त सबूत और गवाह न मिलने के आधार पर बरी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई कर रही मुंबई की विशेष अदालत इस मामले में अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित 15 लोगों को बरी कर चुकी है. इस मामले में कुल 38 लोग आरोपित थे.

हालांकि, सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को राजस्थान पुलिस के दो उपनिरीक्षकों - हिमांशु सिंह और श्याम सिंह चारण को बरी करने की याचिका को खारिज कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक इन अधिकारियों को बरी करने का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि ये दोनों प्रमुख आरोपित हैं और सोहराबुद्दीन पर गोली चलाने वालों में शामिल थे.

गुजरात की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) पर नवंबर 2005 में सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहायक तुलसीराम प्रजापति का अपहरण करने और गांधीनगर के पास फर्जी मुठभेड़ में मार देने का आरोप लगा था. इस मुठभेड़ के समय आईपीएस अधिकारी डीजी बंजारा गुजरात एटीएस के प्रमुख थे. 2007 में सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. अदालत का फैसला आने के बाद डीजी वंजारा ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका सुस्त हो सकती है, लेकिन यहां न्याय मिलता है.