नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सबको चौंकाते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा है कि 31 अगस्त, 2017 उनके कार्यकाल का आखिरी दिन होगा. इसके बाद वे पहले की तरह अकादमिक क्षेत्र में काम करने के लिए अमेरिका वापस लौट जाएंगे. आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में पनगढ़िया को कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल है.

अरविंद पनगढ़िया ने अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की है. उन्हें बाजारवादी अर्थव्यवस्था का समर्थन करने वाले विचारक के रूप में जाना जाता है. नीति आयोग से पहले उन्होंने विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक जैसे वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में अहम जिम्मेदारी संभाली है. इसके साथ ही वे कई शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने आर्थिक विषयों पर कई किताबें भी लिखी हैं, जिनमें ‘इंडिया : द इमर्जिंग जाइंट’ (2008) काफी चर्चित रही है.

मोदी सरकार ने जनवरी, 2015 में योजना आयोग की जगह सरकारी थिंक टैंक के रूप में नीति आयोग का गठन किया था. इसमें योजना आयोग की संरचना के मुताबिक ही प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष होते हैं. केंद्र सरकार ने अरविंद पनगढ़िया की अगुवाई में रोजगार सहित कई मुद्दों पर टास्क फोर्स का गठन किया था. इसके अलावा आयोग ने अर्थव्यवस्था के कई अहम क्षेत्रों पर तीन वर्षीय एक्शन प्लान जारी किया था.