आयकर विभाग ने बुधवार की सुबह बेंगलुरू के उस रिजॉर्ट पर छापा मारा जहां गुजरात के 44 कांग्रेस विधायक बीती 29 जुलाई से रुके हुए हैं. इसके अलावा इस रिजॉर्ट के मालिक और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के कनकपुरा और सदाशिवनगर स्थित दो घरों पर भी छापे की कार्रवाई की गई है.

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक सुबह सात बजे शुरू हुई छापे की कार्रवाई के बाद जांच-पड़ताल अब भी ज़ारी है. ईगलटन गोल्फ रिजॉर्ट बेंगलुरू ग्रामीण लोक सभा क्षेत्र के तहत आता है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस लोक सभा क्षेत्र से डीके शिवकुमार के छोटे भाई डीके सुरेश सांसद हैं. ग़ौरतलब है कि यह रिजॉर्ट बीते शनिवार को तब सुर्खियाें में आया था जब कांग्रेस ने गुजरात के अपने विधायकों को यहां लाकर ठहराया था.

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य सभा चुनाव की तीन सीटों के लिए आठ अगस्त को होने वाले मतदान के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी उसके विधायकों को तोड़ रही है. गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल तो यहां तक कह चुके हैं कि भाजपा उसके 22 विधायकों को 15-15 करोड़ रुपए का लालच देकर खरीदने की कोशिश में है. इससे बचाने के लिए ही विधायकों को बेंगलुरू भेजा गया है.

दरअसल गुजरात की कुल 11 राज्य सभा सीटों में से तीन 18 अगस्त को खाली हो रही हैं. इनमें दो सीटें भाजपा (स्मृति ईरानी और दिलीप भाई पंड्या) की और एक कांग्रेस (अहमद पटेल) की है. इन सीटों पर भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री ईरानी को उम्मीदवार बनाया है. जबकि अहमद पटेल को पटखनी देने के लिए पार्टी ने बीते गुरुवार को ही भाजपा में शामिल हुए बलवंत सिंह राजपूत को उम्मीदवार बना दिया है.

राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी उम्मीदवार को राज्य सभा चुनाव जीतने के लिए कम से कम 44 विधायकों की ज़रूरत है. हालांकि ताज़ा हाालात को देखते हुए कांग्रेस के लिए यह आंकड़ा जुटाना मुश्किल लगता है. कांग्रेस छोड़ चुके नेता शंकरसिंह वाघेला के समर्थक समझे जाने वाले छह विधायक अब तक भाजपा में शामिल हो चुके हैं. इससे सदन में पार्टी की सदस्य संख्या घटकर 51 रह गई है. बेंगलुरू में ठहराए गए 44 विधायकों में से भी कितने अहमद पटेल को वोट देंगे इस पर संशय ज़ताया जा रहा है.