मतदाता अपना प्रत्याशी चुनते समय सोच-समझकर फैसला कर सकें, इसके लिए मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों की जानकारी को मतदाता केंद्रों के बाहर लगाने का फैसला किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक राज्य में अगले हफ्ते होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में प्रत्याशियों की संपत्ति, देनदारी और उन पर चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा लगाया जाएगा. राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी सर्कुलर में चुनाव अधिकारियों को इसके लिए मतदान केंद्र के बाहर बड़े होर्डिंग्स लगाने का निर्देश दिया गया है.

जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 11 अगस्त को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में सभी पोलिंग बूथों के बाहर प्रत्याशियों के शपथपत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो उन्होंने नामांकन दाखिल करते हुए दिए थे. उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवस्था 14 नगरपालिका और 23 नगर परिषद के चुनावों तक ही सीमित रहेगी. मध्य प्रदेश से पहले महाराष्ट्र के स्थानीय चुनाव में इस व्यवस्था को अपनाया जा चुका है.

राजनीति को अपराधमुक्त बनाने के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं में राज्य चुनाव आयोग के इस कदम का स्वागत किया है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) के मध्य प्रदेश की संयोजक रोली शिवहरे ने कहा, ‘इससे मतदाताओं को सोच-समझकर फैसला करने में मदद मिलेगी. वे पोलिंग बूथ में जाने से पहले अपने प्रत्याशियों का लेखा-जोखा जान पाएंगे. ’ उनका यह भी कहना था कि एडीआर के प्रतिनिधिमंडल ने इस बारे में राज्य चुनाव आयुक्त से मांग की थी. रोली शिवहरे के मुताबिक अगर इस व्यवस्था को लोक सभा और राज्य सभा चुनाव में भी लागू किया जाए तो यह काफी अच्छा होगा.