देश के लिए रियो ओलंपिक (2016) में रजत पदक जीतने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु अब आंध्र प्रदेश की डिप्टी कलेक्टर भी बन गई हैं. राज्य सरकार ने बीती 27 जुलाई को उनकी नियुक्ति संबंधी आदेश ज़ारी करते हुए उन्हें 30 दिन के भीतर नौकरी ज्वाइन करने का आदेश दिया था. इसी के मुताबिक बुधवार को वे माता-पिता के साथ लैंड एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के मुख्य आयुक्त (सीसीएलए) के दफ्तर पहुंची. यहां उन्होंने ज्वाइनिंग की औपचारिकताएं कीं.

ख़बरों के मुताबिक सीसीएलए अनिल चंद्र पुनेठा की मौज़ूदगी में उन्होंने कार्यभार संभाला. हालांकि वे पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उनका ‘पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर रहेगा.’ सिंधु फिलहाल ग्लासगो में होने वाली विश्व चैपिंयनशिप की तैयारी कर रही हैं. यह टूर्नामेंट 21 अगस्त से शुरू हो रहा है. सिंधु इसमें दो बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं.

ग़ौरतलब है कि आंध्र प्रदेश विधानसभा ने मई में राज्य लोक सेवा कानून में संशोधन करते हुए सिंधु को ग्रुप-1 के अफसर के तौर नियुक्ति देने को मंज़ूरी दी थी. सरकार ने यह कदम मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की घोषणा के अनुरूप उठाया है. सिंधु ने जब ओलंपिक पदक जीता था तभी नायडू ने उन्हें यह नौकरी देने की घोषणा की थी. साथ ही राजधानी अमरावती में एक रिहायशी प्लॉट और तीन करोड़ रुपए का नगद इनाम देने का भी उन्होंने ऐलान किया था.

चूंकि सिंधु हैदराबाद में पैदा हुई हैं. वहीं पली-बढ़ी हैं. इसके मद्देनज़र तेलंगाना सरकार ने भी उनके लिए इसी तरह की सुविधाएं देने की घोषणा की थी. बल्कि वहां से पांच करोड़ रुपए का नगद इनाम देने का ऐलान किया गया था. लेकिन सिंधु ने आंध्र प्रदेश सरकार का प्रस्ताव स्वीकार किया क्योंकि यह उनके माता-पिता का गृह राज्य है.